हेमंत शर्मा, इंदौर। इंदौर में पानी की किल्लत को लेकर कांग्रेस ने राजवाड़ा पर महा संग्राम धरना प्रदर्शन किया, लेकिन जिस मुद्दे को लेकर कांग्रेस सरकार और नगर निगम को घेरने पहुंची थी, उसी मुद्दे पर खुद कांग्रेस सवालों के घेरे में आ गई। शहर के बीचों बीच हुए इस प्रदर्शन में एक तरफ पानी बचाने और जनता को पानी दिलाने की बातें होती रहीं, तो दूसरी तरफ धरना स्थल पर खुलेआम पानी उड़ता दिखाई दिया।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ता शहर के अलग-अलग वार्डों से मटके लेकर पहुंचे। इन मटकों पर इंदौर के बीजेपी विधायकों की तस्वीरें चस्पा की गई थीं।
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कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर के जनप्रतिनिधि पानी संकट पर पूरी तरह फेल साबित हुए हैं। लेकिन प्रदर्शन के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं, उन्होंने पूरे आंदोलन की गंभीरता पर सवाल खड़े कर दिए। पानी संकट के बीच धरना स्थल पर नगर निगम के टैंकर से पानी उड़ाया जा रहा था ताकि नेताओं को गर्मी का एहसास ना हो। पानी हवा में उड़ता रहा और कार्यकर्ता उसी ठंडक में बैठकर नारेबाजी करते नजर आए। जिस शहर में कई कॉलोनियों में लोग पानी के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं, वहां धरने में पानी उड़ाने की तस्वीर लोगों को चुभती नजर आई। धरने के दौरान एक और हैरान करने वाली तस्वीर सामने आई। मंच के पास ढोलक बजती रही और कुछ लोग उसी थाप पर नाचते दिखाई दिए। प्रदर्शन में मौजूद लोगों के बीच यह चर्चा भी रही कि कुछ नशे की हालत में थे। पानी संकट जैसे गंभीर मुद्दे पर हो रहे आंदोलन में यह दृश्य कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर नए सवाल खड़े करता दिखाई दिया।
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राजवाड़ा पर जुटी भीड़ में आम जनता से ज्यादा राजनीतिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी नजर आई। अलग-अलग वार्डों से लोगों को धरने में शामिल होने के लिए बुलाया गया था, लेकिन पूरा प्रदर्शन एक आम जन आंदोलन से ज्यादा राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन जैसा दिखाई दिया। कई लोग इसे “वीआईपी धरना” बताते नजर आए, जहां नेताओं के लिए अलग व्यवस्था और कार्यकर्ताओं के लिए अलग माहौल दिखाई दिया। सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि अगर कांग्रेस पानी बचाने की लड़ाई लड़ रही है, तो फिर उसी धरने में पानी क्यों उड़ाया गया? जिस शहर में लोग टैंकरों के पीछे दौड़ रहे हैं, वहां राजनीतिक मंच पर पानी का प्रदर्शन क्या सही संदेश देता है? इंदौर इस समय भीषण जल संकट से गुजर रहा है। कई इलाकों में पानी सप्लाई प्रभावित है, लोग परेशान हैं, लेकिन राजवाड़ा पर हुए इस प्रदर्शन ने अब पानी की राजनीति और असली संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है।

