महाराष्ट्र के अमरावती ब्लैकमेल कांड की असली वजह दोनों मुख्य आरोपियों के बीच शर्त रही है और खुलासा की वजह दोनों बीच का झगड़ा बना . अगर इन दोनों के बीच पैसों और लड़कियों को लेकर विवाद नहीं होता, तो यह कांड और लंबे समय तक चलता रहता. आरोपी आयान अहमद और उजर खान के बीच शुरू में यह शर्त लगी थी कि कौन ज्यादा लड़कियों को अपने जाल में फंसा सकता है.

अमरावती शहर के जिस फ्लैट में लड़कियों का शोषण हुआ, उसे पुलिस ने सील कर दिया है. आगे की जांच के लिए आरोपी को इस फ्लैट पर लाया जा सकता है. यहीं पर लड़कियों के अश्लील वीडियो बनाए गए थे.

महाराष्ट्र के अमरावती में सामने आए लड़कियों के यौन शोषण के मामले ने हिला कर रख दिया है. इस मामले में अब तक की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अयान अहमद और उजैर खान के बीच एक तरह की ‘रेस’ चल रही थी. दोनों के बीच यह होड़ थी कि कौन ज्यादा लड़कियों को फंसाएगा. इसी दौरान अयान अहमद लड़कियों के साथ अश्लील हरकतों के वीडियो बनाता और उन्हें उजैर खान को भेजता था.

कुछ दिनों के बाद दोनों आरोपियों के बीच पैसों को लेकर विवाद हो गया. इस विवाद के चलते उजैर खान ने गुस्से में आकर अयान अहमद के पास मौजूद सभी आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए. यही घटना पूरे मामले के खुलासे की वजह बनी और पुलिस को ये बात पता चली.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आयान अहमद ने 18 वीडियो और 39 फोटो बनाए. इनका इस्तेमाल लड़कियों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जाता था. जब उजर खान और आयान के बीच पैसे को लेकर विवाद हो गया, तो उजर ने गुस्से में वीडियो वायरल कर दिए, जिससे पूरा मामला सामने आ गया. आयान अहमद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी का पूर्व सदस्य था और पार्टी का सोशल मीडिया संभालता था. वह अचलपुर कॉलेज में सेकेंड ईयर का छात्र था.

जांच में यह भी सामने आया है कि मुख्य आरोपी अयान अहमद के पिता सेकंड हैंड कारों के खरीद-फरोख्त का कारोबार करते हैं. आरोपी इन गाड़ियों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था, जिससे वह खुद को प्रभावशाली दिखाकर लड़कियों को फंसाता था.

पुलिस पूछताछ में आरोपी अयान ने अपना अपराध कबूल कर लिया है. जांच में यह भी पता चला है कि वह पिछले दो वर्षों से सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय था. बीते छह महीनों के दौरान उसने कई लड़कियों से ऑनलाइन दोस्ती की, जिसके बाद मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ और फिर शोषण की घटनाएं सामने आईं.

पुलिस के मुताबिक, वायरल हुए वीडियो पिछले चार से छह महीनों के भीतर बनाए गए थे. अमरावती शहर के जिस फ्लैट में इन घटनाओं को अंजाम दिया गया, उसे पुलिस ने सील कर दिया है.

पुलिस ने अब तक 8 पीड़ित लड़कियों की पहचान की है. सभी लड़कियां एक समुदाय की हैं. हिंदू संगठनों द्वारा ‘लव जिहाद’ का आरोप लगाए जाने पर महाराष्ट्र राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन प्यारे खान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. 

स्थानीय पार्षद मुजीब राशिद ने बताया कि जब वीडियो वायरल होने शुरू हुए तो उन्होंने आयान को समझाया था. आयान ने माफी मांगी और कहा कि आगे ऐसा नहीं होगा. लेकिन बाद में पता चला कि यह सिर्फ दो लोगों का मामला नहीं है, बल्कि संगठित तरीके शोषण और ब्लैकमेल का मामला है.

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