ईरान में युद्ध के बाद होर्मुज स्ट्रेट से होने वाले यातायात में रुकावट का मुद्दा भारत ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया है। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वथनेनी हरीश ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली वाणिज्यिक शिपिंग में बाधा चिंता का विषय है। इस समुद्री गलियारे से सुरक्षित रूप से नौवहन बहाल किया जाए। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट का यातायात बाधित किया है। वहीं इस हफ्ते अमेरिकी नेवी ने पूरी तरह से इस समुद्री रूट की नाकेबंदी कर दी है।

भारतीय राजदूत ने कहा, “हम जोरदार ढंग से यह अनुरोध भी करते हैं कि होर्मुज के जरिए सुरक्षित और बिना किसी बाधा के जहाजों के आवागमन तथा ग्लोबल ट्रेड को जल्द से जल्द बहाल किया जाए.”

ईरान और अमेरिका तथा इजराइल के बीच छिड़े जंग के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगातार निशाने पर रहा और इस वजह से ज्यादातर देशों को परेशान भी होना पड़ा. अभी युद्धविराम चल रहा है, लेकिन दोनों ओर से होर्मुज को निशाना बनाए जाने का दावा भी किया जा रहा है. होर्मुज संकट को लेकर भारत भी चिंतित है. भारत ने संयुक्त राष्ट्र में होर्मुज में कमर्शियल जहाजों के लिए खतरों पर गंभीर चिंता जताई और कहा कि जहाजों को निशाना बनाना सही नहीं है और यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है.

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत हरीश पी ने, मध्य पूर्व क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच संयम बरतने और तनाव कम करने की अपील करते हुए, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों के सुरक्षित आवागमन को तुरंत बहाल करने का अनुरोध किया. होर्मुज ईरान और ओमान के बीच 55 किलोमीटर चौड़ा एक अहम समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया के करीब 20 फीसदी तेल व्यापार का संचालन होता है.

हरीश ने कहा कि इस संघर्ष में वाणिज्यिक शिपिंग को सैन्य हमलों का निशाना बनाया गया है। व्यापारिक जहाजों पर हमलों को लेकर भारत का रुख साफ रहा है कि यह अस्वीकार्य है। इस संघर्ष के दौरान जहाजों पर सवार भारतीय नाविकों की कीमती जानें चली गईं। यह भारत की चिंता को और ज्यादा बढ़ाता है।

भारतीय राजदूत ने यह भी बताया कि खाड़ी में हुए संघर्ष के दौरान भारतीय नागरिक भी इस संघर्ष का शिकार हुए हैं. उन्होंने कहा, “इस जंग के दौरान जहाजों पर सवार कई भारतीय नाविक मारे गए. हम फिर से दोहराते हैं कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक और चालक दल के सदस्यों को खतरे में डालना, या होर्मुज में आवागमन और व्यापार की स्वतंत्रता में किसी भी तरह की बाधा डालना अस्वीकार्य है. इस संबंध में अंतरराष्ट्रीय कानून का पूरी तरह से पालन किया जाना चाहिए.”

भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने इस बात पर भी जोर दिया कि परिषद में किसी भी सार्थक सुधार के लिए, वीटो अधिकारों के साथ स्थायी सदस्यों की श्रेणी का विस्तार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा परिषद में असली सुधार के लिए, वीटो अधिकारों के साथ स्थायी सदस्यों की श्रेणी का विस्तार करना बहुत जरूरी है।

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