Technology Desk : घरों में इस्तेमाल होने वाले सीलिंग फैन समय के साथ धूल और मिट्टी से गंदे हो जाते हैं। खासकर पंखे के ब्लेड पर जमा गंदगी के कारण उनका लुक खराब नजर आने लगता है। इसके अलावा, सीलिंग फैन कमरे की छत पर काफी जगह भी घेरते हैं। ऐसे में अब कई लोग ऐसे फैन पसंद कर रहे हैं, जो कम जगह लें, देखने में मॉडर्न हों और कमरे के इंटीरियर के साथ आसानी से फिट हो जाएं।

इसी वजह से बिना ब्लेड वाले सीलिंग फैन यानी Blade-less Fans की चर्चा बढ़ी है। इनका डिजाइन पारंपरिक पंखों से काफी अलग होता है। इनमें बाहर की तरफ घूमते हुए ब्लेड नजर नहीं आते, जिससे ये कमरे को ज्यादा साफ और मॉडर्न लुक देते हैं।
बिना ब्लेड वाले फैन क्या होते हैं?
नाम से ऐसा लग सकता है कि इन पंखों में ब्लेड होते ही नहीं हैं, लेकिन ऐसा नहीं है। Blade-less Fan में हवा को खींचने और बाहर निकालने के लिए इस्तेमाल होने वाले ब्लेड या इम्पेलर यूनिट के अंदर छिपे होते हैं।
एक इलेक्ट्रिक मोटर अंदर मौजूद टरबाइन या इम्पेलर को घुमाती है। यह हवा को अंदर खींचता है और फिर उसे एक खास डिजाइन वाले गोलाकार या लंबे एयर आउटलेट से बाहर निकालता है। इस प्रक्रिया से कमरे में हवा का लगातार फ्लो बनाने की कोशिश की जाती है। इनमें बाहर की तरफ पारंपरिक फैन की तरह घूमते हुए ब्लेड दिखाई नहीं देते।
मॉडर्न डिजाइन देता है अलग लुक
Blade-less Fans का सबसे बड़ा आकर्षण उनका डिजाइन है। पारंपरिक सीलिंग फैन की तरह इनमें लंबे ब्लेड नहीं होते। यूनिट छत के करीब फिट होती है, जिससे कमरे की छत अपेक्षाकृत साफ और व्यवस्थित दिखाई देती है।
मॉडर्न और मिनिमल इंटीरियर पसंद करने वाले लोगों के लिए इनका डिजाइन आकर्षक हो सकता है। अलग-अलग कंपनियां इन्हें अलग आकार और डिजाइन में पेश करती हैं, जिससे कमरे की सजावट के हिसाब से विकल्प चुना जा सकता है।
बच्चों और पालतू जानवरों के लिए सेफ्टी
घूमते हुए फैन ब्लेड घर में बच्चों या पालतू जानवरों के लिए एक संभावित खतरा हो सकते हैं। Blade-less Fans में बाहर की तरफ घूमने वाले ब्लेड नहीं होते, इसलिए इस तरह के डिजाइन से सुरक्षा को बेहतर बनाने की कोशिश की जाती है।
हालांकि, किसी भी इलेक्ट्रिकल उपकरण की तरह इन फैन का इस्तेमाल भी निर्माता की सुरक्षा गाइडलाइन के अनुसार करना जरूरी है।
सफाई और रखरखाव में हो सकती है आसानी
पारंपरिक फैन के ब्लेड पर धूल जल्दी जमती है और उन्हें समय-समय पर साफ करना पड़ता है। Blade-less Fans में बाहर की तरफ बड़े ब्लेड नहीं होते, इसलिए उनकी सफाई का तरीका अलग होता है।
इनका बाहरी हिस्सा आसानी से साफ किया जा सकता है। हालांकि, अंदर मौजूद एयर इनटेक और अन्य हिस्सों में समय के साथ धूल जमा हो सकती है, इसलिए इन्हें पूरी तरह मेंटेनेंस-फ्री नहीं माना जा सकता।
मिल सकते हैं स्मार्ट फीचर्स
नई पीढ़ी के कई Blade-less Fans में सिर्फ कूलिंग पर ही ध्यान नहीं दिया जाता, बल्कि स्मार्ट फीचर्स भी दिए जाते हैं। कुछ मॉडल में रिमोट कंट्रोल, अलग-अलग स्पीड सेटिंग, टाइमर और स्मार्ट होम इंटीग्रेशन जैसे विकल्प मिल सकते हैं।
कुछ मॉडलों में एयरफ्लो को अपनी जरूरत के हिसाब से कंट्रोल करने के विकल्प भी दिए जाते हैं।
कैसे काम करती है Blade-less टेक्नोलॉजी?
Blade-less तकनीक में फैन की मोटर और इम्पेलर यूनिट के अंदर मौजूद होते हैं। मोटर इम्पेलर को घुमाती है, जिससे आसपास की हवा अंदर खिंचती है। इसके बाद हवा को एक खास आकार के एयर आउटलेट से बाहर निकाला जाता है। एयरफ्लो को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि कमरे में लगातार हवा का प्रवाह महसूस हो।
इस तकनीक में Coandă Effect का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें हवा किसी नजदीकी सतह के साथ बहने लगती है। फैन के डिजाइन में इस प्रभाव का इस्तेमाल एयरफ्लो को दिशा देने और फैलाने के लिए किया जाता है।
क्या Blade-less Fan ज्यादा असरदार होते हैं?
इन फैन का डिजाइन और एयरफ्लो पारंपरिक सीलिंग फैन से अलग होता है। हालांकि, किसी फैन की कूलिंग कितनी अच्छी होगी, यह सिर्फ उसके ब्लेडलेस होने पर निर्भर नहीं करता।
मोटर की क्षमता, एयरफ्लो, कमरे का आकार, फैन की स्पीड और उसके डिजाइन जैसे कई फैक्टर कूलिंग पर असर डालते हैं। इसलिए फैन खरीदते समय केवल डिजाइन के बजाय उसके एयरफ्लो और पावर कंजम्पशन जैसी जानकारी भी देखना जरूरी है।
बढ़ रही है Blade-less Fans की मांग
Blade-less Fans को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। इसके पीछे मॉडर्न डिजाइन, सुरक्षा और नए स्मार्ट फीचर्स जैसे कई कारण बताए जाते हैं। Research and Markets की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 से 2028 के बीच दुनियाभर में Blade-less Fans की मांग में हर साल औसतन 6 फीसदी से ज्यादा की वृद्धि होने का अनुमान लगाया गया था।


