अमृतसर. पंजाब में तहसीलदारों द्वारा सामूहिक अवकाश लेने के फैसले के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सख्त रुख अपनाया है। तहसीलदारों ने विजिलेंस ब्यूरो की कार्रवाई के विरोध में शुक्रवार तक काम न करने का ऐलान किया था। इस पर मुख्यमंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शाम 5 बजे तक अधिकारी अपनी ड्यूटी पर वापस नहीं आते, तो उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा।
सीएम भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि हड़ताल और सामूहिक अवकाश को जबरन दबाव बनाने की कोशिश माना जाएगा, जिसे सरकार किसी भी हाल में स्वीकार नहीं करेगी। हालांकि, कुछ जिलों में अधिकारी समय सीमा समाप्त होने से पहले ही ड्यूटी पर लौटने लगे हैं। मोगा, संगरूर और मोहाली जैसे जिलों में तहसीलदारों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है।
हड़ताल से जनता को नहीं होने देंगे परेशानी
मुख्यमंत्री ने हाल ही में खरड़, बनूड़ और जीरकपुर की तहसीलों का दौरा किया था और अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि सरकारी कामकाज ठप करने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने जनता की सुविधा के लिए वैकल्पिक अधिकारियों को काम सौंपने का निर्णय लिया है ताकि आम नागरिकों को कोई असुविधा न हो।
सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री की सख्त टिप्पणी
सीएम मान ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि तहसीलदार अपने भ्रष्ट साथियों का समर्थन करने के लिए हड़ताल पर जा रहे हैं, लेकिन उनकी सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हड़ताल पर गए अधिकारियों को शुभकामनाएं, लेकिन यह उन पर निर्भर करेगा कि वे ड्यूटी पर लौटकर कहां और कैसे शामिल होते हैं।

विजिलेंस अधिकारियों पर उठे सवाल
इससे पहले लुधियाना में तहसीलदारों की एक आपात बैठक हुई, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि विजिलेंस विभाग जानबूझकर उन्हें निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो विजिलेंस अधिकारियों की संपत्तियों का खुलासा भी जनता के सामने किया जाएगा। दूसरी ओर, कई सामाजिक संगठनों और आम जनता ने सरकार की इस कार्रवाई का समर्थन किया है।
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