रांची। रिम्स के मेधावी पीजी छात्रों की वर्षों की मेहनत पर दीक्षांत समारोह से पहले सवाल खड़ा हो गया है। रांची विश्वविद्यालय के 9 सितंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह की जारी सूची में RIMS के 2021-24 और 2022-25 बैच के 36 विभागीय गोल्ड मेडलिस्टों के नाम शामिल नहीं हैं। इसको लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सूची में तत्काल संशोधन की मांग की है।

RIMS के पोस्ट ग्रेजुएट रेजिडेंट्स ने डीन एकेडमिक्स के माध्यम से रांची विश्वविद्यालय की कुलपति को पत्र भेजा है। छात्रों का कहना है कि पात्र गोल्ड मेडलिस्टों को दीक्षांत समारोह में उनकी अकादमिक उपलब्धि के अनुरूप सम्मान मिलना चाहिए।

2 बैच, 36 विभागीय गोल्ड मेडलिस्ट

RIMS की ओर से विश्वविद्यालय को भेजी गई सूची के मुताबिक 2021-24 बैच में 18 विभागीय गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इस बैच की ओवरऑल गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. स्नेह कांता हैं, जिन्होंने MD Pharmacology में गोल्ड मेडल हासिल किया है।

इसी तरह 2022-25 बैच में भी 18 विभागीय गोल्ड मेडलिस्ट हैं। इस बैच की ओवरऑल गोल्ड मेडलिस्ट डॉ. प्रियम आनंद हैं, जिन्होंने MD Obstetrics & Gynaecology में गोल्ड मेडल हासिल किया है।यानी दोनों बैचों में कुल 36 विभागीय गोल्ड मेडलिस्ट और 2 ओवरऑल गोल्ड मेडलिस्ट हैं।

इस बार सिर्फ 2 छात्रों का नाम

RIMS के मुताबिक इस बार विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के शेड्यूल में दोनों बैचों से केवल एक-एक ओवरऑल गोल्ड मेडलिस्ट को उपाधि और गोल्ड मेडल देने की व्यवस्था की गई है।

यही वजह है कि विभागीय स्तर पर टॉप करने वाले छात्रों में असंतोष है। छात्रों ने विश्वविद्यालय से मांग की है कि RIMS द्वारा भेजी गई विभागवार सूची की जांच कर सभी पात्र छात्रों के नाम आधिकारिक सूची में शामिल किए जाएं।

टॉपर डॉ. सौरभ बोले- यह निराश करने वाला

MS General Surgery के 2021-24 बैच के टॉपर डॉ. सौरभ ने विश्वविद्यालय के फैसले पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि छात्रों को गोल्ड मेडल से दूर रखने के साथ-साथ गोल्ड मेडलिस्ट सर्टिफिकेट से भी वंचित किया जा रहा है। उनके अनुसार इससे RIMS के करीब 34 गोल्ड मेडलिस्ट प्रभावित होंगे।

VC ने बताई समय की कमी की वजह

रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. सरोज शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को उपाधि प्रदान कर रहा है। इस वर्ष दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि के पास सीमित समय होने के कारण RIMS से सिर्फ दो ओवरऑल गोल्ड मेडलिस्टों को सम्मानित करने का कार्यक्रम रखा गया है।

उन्होंने कहा कि RIMS विश्वविद्यालय परिवार का महत्वपूर्ण हिस्सा है और छात्रों को निराश होने की जरूरत नहीं है। आने वाले वर्षों में सभी गोल्ड मेडलिस्टों को दीक्षांत समारोह में सम्मानित करने की व्यवस्था की जाएगी।

अब 9 सितंबर से पहले फैसले का इंतजार

RIMS की ओर से दोनों बैचों के गोल्ड मेडलिस्टों की पूरी सूची विश्वविद्यालय को भेज दी गई है। अब देखना होगा कि 9 सितंबर के दीक्षांत समारोह से पहले विश्वविद्यालय प्रशासन सूची में बदलाव करता है या नहीं। छात्रों की मांग है कि वर्षों की मेहनत से हासिल की गई उपलब्धि को समारोह में उचित सम्मान दिया जाए।