लखनऊ. 2027 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं. जाहिर है प्रदेश सरकार के पास बमुश्किल सालभर का समय है. चुनाव के मद्दे नजर सत्तारूढ़ दल भाजपा ने संगठनात्मक बदलाव से अपनी रणनीति की शुरुआत कर रही है. संगठन के साथ ही विभिन्न पदों पर नियुक्ति कर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने वाली है. जिसकी चर्चा सत्ता के गलियारों में बड़े ही जोर शोर से चल रही है. सीधे तौर पर कहें तो मंत्रिमंडल विस्तार के बाद संगठन विस्तार पर भाजपा जोर दे रही है. विधानसभा चुनाव को साल भर से भी कम समय बचा है. लिहाजा बीजेपी जल्द ही अपनी नई टीम खड़ी करने वाली है.

बताया जा रहा है कि बीजेपी में नए महामंत्री, उपाध्यक्ष के नाम पर चर्चा हुई है. वहीं 6 क्षेत्रीय अध्यक्षों के भी नाम लगभग तय किए जा चुके हैं. निगम, आयोग में भी समायोजन पर चर्चा चल रही है. जिसमें करीब 25 BJP कार्यकर्ताओं के नाम पर चर्चा हुई है. जातीय समीकरण की बात करें तो पश्चिम में गुर्जर और वैश्य पर ज्यादा फोकस किया जा रहा है. अवध क्षेत्र में ब्राह्मण चेहरे पर बैठक में चर्चा हुई है. ब्रज में शाक्य, लोध को मिल अवसर देने पर चर्चा की गई है. वाराणसी-गोरखपुर क्षेत्र में भी नाम लगभग तय हैं. वहीं संगठन में 7 की जगह 6 महामंत्री नियुक्त किए जा सकते हैं. 98 संगठनात्मक जिलों में पदाधिकारी भी बनेंगे.

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बता दें कि प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यूपी की सहभागिता पर ध्यान दिया जा रहा है. आगामी बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के लिए उत्तर प्रदेश से दावेदारों और नेताओं के नामों को अंतिम रूप दिया जा रहा है. राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई केंद्रीय टीम में पूर्वांचल से हरीश द्विवेदी और पश्चिम से मोहित बेनीवाल सहित करीब 9 नेताओं को राष्ट्रीय टीम में शामिल करने की अटकलें लगाई जा रही है.