महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन से संबंधित विधेयक पर आज यानी शुक्रवार को चर्चा संपन्न होगी जिसके बाद इस पर मत विभाजन होगा। विधेयक पर मत विभाजन के लिए शाम चार बजे का समय निर्धारित किया गया है। विपक्षी दलों की बैठक के बाद अब टीएमसी सूत्रों का कहना है कि हमारे कम से कम 20 सांसद वोटिंग के दौरान मौजूद रहेंगे. टीएमसी ने कहा कि हम इस संख्या को बढ़ाने की भी कोशिश करेंगे. लेकिन सुदीप बंदोपध्याय अस्वस्थ हैं, अभिषेक बनर्जी पूरे राज्य में स्टार प्रचारक हैं और कुछ सांसदों की अपने इलाके में उपस्थिति चुनाव के चलते जरूरी है.
विपक्षी दलों की बैठक के बाद अब टीएमसी सूत्रों का कहना है कि हमारे लिए बंगाल चुनाव भी बहुत अहम है, इसलिए हमारे 5-7 सांसद बिल पर वोटिंग में हिस्सा लेने जा रहे थे. क्योंकि इतने होने पर भी विपक्ष की जीत तय थी.
CM ममता बनर्जी ने कहा कि हम किसी कीमत पर बीजेपी की मदद नहीं करने वाले. टीएमसी ने कहा कि अब हम पूरी कोशिश करेंगे कि कम से कम हमारे 20 सांसद वोटिंग के दौरान मौजूद रहें.
उन्होंने कहा कि हम इस संख्या को बढ़ाने की भी कोशिश करेंगे. लेकिन सुदीप बंदोपध्याय अस्वस्थ हैं, अभिषेक बनर्जी पूरे राज्य में स्टार प्रचारक हैं और कुछ सांसदों की अपने इलाके में उपस्थिति चुनाव के चलते जरूरी है. इसलिए सभी 28 नहीं पहुंच पाएंगे. लेकिन हमारी मंशा साफ है कि, हम इस मामले में सरकार के खिलाफ और विपक्ष के साथ हैं.
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की बैठक में टीएमसी नेता सागरिका घोष शामिल हुईं. उन्होंने कहा कि टीएमसी की तीन महिला सांसद काकोली घोष दस्तीदार, प्रतिमा मंडल और जून मालिया लोकसभा में बोलेंगी. सुदीप बंदोपाध्याय और सौगता रॉय जैसे कुछ सांसद, जिनकी तबीयत ठीक नहीं थी, विधेयकों के खिलाफ मतदान करने आ रहे हैं. अभिषेक बनर्जी और अन्य जैसे कुछ टीएमसी सांसद, जो चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, नहीं आएंगे.
आपको बताते चले कि लोकसभा में एनडीए की कुल सदस्य संख्या 292 है, जबकि प्रमुख विपक्षी दलों के पास 233 सांसद हैं. संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है.
कांग्रेस नेता के. सुरेश ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण का समर्थन करती है, लेकिन इससे जुड़े परिसीमन प्रस्ताव का विरोध करती है.
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने भी इसी तरह की चिंता जताई, जबकि डीएमके सांसद टीआर बालू ने कहा कि उनके नेता एम के स्टालिन ने इस विधेयक के विरोध में सलेम में एक रैली के दौरान इसका मसौदा जला दिया.
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन जिस तरीके से सरकार इसे ला रही है, सपा उसका विरोध करती है. उन्होंने कहा कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन करना उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित नहीं करेगा.
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