कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। मशहूर बॉलीबुड एक्टर व WWE रेसलर सौरभ गुर्जर ने ग्वालियर शहर की बदहाल सड़कों को लेकर सवाल उठाये हैं। सड़कों से उड़ रही धूल को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से इन्हें ठीक करने की गुहार लगाई है। उन्होंने डबरा कृषि मंडी की अव्यवस्था के साथ ही हर्षा रिछारिया के फिर से संन्यास लेने और बंगाल चुनाव परिणाम को लेकर भी बड़ा बयान दिया हैं।
ग्वालियर जिले के डबरा के रहने वाले सौरभ गुर्जर का कहना है कि वह पिछले सात आठ साल अमेरिका रहकर आए है। इसलिए तुलना आसानी से की जा सकती है कि आज हमारे ग्वालियर में बहुत ज्यादा डस्ट हो चुकी है। इसके रिजल्ट आज हमें समझ नहीं आ रहे हैं 10 साल बाद उसके रिजल्ट सही रूप में समझ में आएंगे। यह हमारे लंग्स को बहुत ज्यादा हिट कर रही है। हेल्थ के रूप में यह ग्वालियर शहर के लिए बड़ा इशू बनने जा रहा है। हमारे स्टेट में चार बड़े महानगर है, मध्य प्रदेश की राजनीति में हमेशा से आज तक ग्वालियर राजनीति में भी बहुत मजबूत रहा है। इसलिए यहां उम्मीद करते हैं कि यहां सिर्फ स्मार्ट सिटी के नाम के बोर्ड ही नहीं बल्कि स्मार्ट अच्छी सड़के भी जरूर हो। यहां सिर्फ स्मार्ट सिटी के बोर्ड दिखाई देते हैं लेकिन सड़क अच्छी नहीं दिखती हैं। मैं मुंबई, हैदराबाद और USA में भी रहा हूं इसलिए मुझे अपने शहर को लेकर बहुत दर्द होता है।
मंडी में अव्यवस्था और गेहूं खरीदी को लेकर कही ये बात
सौरभ गुर्जर ने डबरा कृषि उपज मंडी की अव्यवस्थाओं और प्रदेश सरकार के गेहूं खरीदी को 100 लाख मीट्रिक टन किए जाने के मामले में भी बयान दिया है। उनका कहना है कि वह किसान फैमिली से आते है, सौरभ ने कहा कि मुझे पता है कि खाद पानी से जुड़ी हुई किसानों की किस तरह की समस्या रहती हैं। सरकार क्या कर रही है क्या नहीं कर रही है, यह फर्क नहीं पड़ता है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार प्लानिंग बहुत अच्छी करती है, लेकिन धरातल पर कैसे उतर रहा है, इसकी निगरानी बहुत जरूरी है। डबरा की मंडी प्रदेश की बड़ी मंडियों में शामिल है। वहां पर किस तरह काम हो रहा है इसकी मॉनीटरिंग करने की जरूरत है। मैं यही कहता हूं कि व्यापारियों का भी काम हो लेकिन किसानों का भी नुकसान नहीं होना चाहिए। इसको बैलेंस करने की जरूरत है। यदि सरकार ने कोटा बढ़ाया है तो अच्छी बात है, लेकिन धरातल पर कब उतरेगा कैसे उतरेगा यह भी समझने की जरूरत है।
हर्ष रिछारिया को ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए…
हर्ष रिछारिया के फिर संन्यास लेने के मामले पर उनका कहना है कि आजकल कुछ चीज ऐसी हो गई है कि मुझे लगता है कि जहां सनातन धर्म और संस्कृति की बात होती है, उसमें हमें कोई भी इस तरह की कोशिश नहीं करना चाहिए। क्योंकि यह हमारे अंतरात्मा से जुड़े हुए विषय हैं। हर्षा रिछारिया बार-बार संन्यास क्यों ले रही है बार-बार नॉर्मल जिंदगी में क्यों आती है फिर वापस सन्यास में चली जाती हैं। यह वही जानती होंगी लेकिन धर्म आस्था को देखते हुए निर्णय हमेशा सही लेना चाहिए। संत समाज जो कह रहा है वह सही कह रहा है। हर्षा जी को ठंडे दिमाग से सोचना चाहिए। चिंतन मंथन करना चाहिए, सोच समझकर निर्णय लेना चाहिए लेकिन धर्म आस्था और विश्वास के साथ कोई भी मजाक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बंगाल चुनाव पर भी दिया बयान
सौरभ गुर्जर ने बंगाल चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया है। उनका कहना है कि बंगाल में इस बार बदलाव हो सकता है। यह बड़ा दावा वहां से जुड़े लोगों से हुई चर्चा के बाद उन्होंने किया है। उनका यह भी कहना है कि बंगाल में हमेशा जब भी चुनाव होते हैं, वहां हिंसा होती है। वहां की राजनीति ऐसी क्यों है मुझे समझ नहीं आती है। मेरे काफी दोस्त बंगाल से हैं। लोगों में इस बार थोड़ा सा बदलाव है। वह लोग जो ममता दीदी की बात करते थे वहीं लोग इस बार बीजेपी की बात कर रहे हैं। इस बार उनकी जो सोच है जो बदलाव आया है, इसको नॉर्मल सी बात नहीं माना जा सकता। ऐसे में इस बार बंगाल में बदलाव की उम्मीद की जा रही है।

