यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर में एक परिवार के लिए शॉर्टकट अपनाना जिंदगी का सबसे दर्दनाक फैसला साबित हुआ। यमुना नहर के ऊपर बने रेलवे पुल से पटरी पार करते समय अचानक ट्रेन सामने आ गई। ट्रेन को देखते ही पति और तीनों बच्चों ने किसी तरह साइड में कूदकर जान बचा ली, लेकिन महिला उसकी चपेट में आ गई। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके एक बेटे के हाथ-पैर में चोट आई है।

मृतका की पहचान बिहार के बेगूसराय निवासी कविता देवी के रूप में हुई है। वह पति राम शगुन और तीन बच्चों के साथ यमुनानगर के बाड़ी माजरा इलाके में रहती थी। राम शगुन करीब दो महीने पहले ही परिवार को लेकर बिहार से यमुनानगर आया था और यहां एक प्लाइवुड फैक्ट्री में काम करता है। कुछ दिन पहले परिवार बिहार गया था और मंगलवार सुबह ही ट्रेन से वापस यमुनानगर लौटा था।

बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह परिवार बाड़ी माजरा स्थित अपने घर की ओर जा रहा था। रास्ता छोटा करने के लिए उन्होंने यमुना नहर पर बने रेलवे पुल से रेलवे लाइन पार करने का रास्ता चुना। इसी दौरान जगाधरी से सहारनपुर की ओर जा रही ट्रेन अचानक वहां पहुंच गई। ट्रेन को नजदीक आता देखकर राम शगुन और बच्चों ने पटरी से हटकर छलांग लगा दी, लेकिन कविता समय रहते खुद को सुरक्षित नहीं कर सकी और ट्रेन की चपेट में आ गई।

हादसे की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। हादसे में घायल बेटे को भी चोटें आई हैं।

पुलिस के अनुसार, जिस रेलवे पुल से परिवार पटरी पार कर रहा था, वहां आम लोगों की आवाजाही प्रतिबंधित है। रेलवे की ओर से इस संबंध में चेतावनी बोर्ड भी लगाया गया है, इसके बावजूद लोग दूरी कम करने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। बताया जा रहा है कि पहले भी इस जगह पर हादसे हो चुके हैं।

जांच अधिकारी उप निरीक्षक सत्यवीर सिंह ने बताया कि महिला यमुना नहर के ऊपर बने रेलवे पुल को पार कर रही थी, तभी ट्रेन की चपेट में आ गई। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।