यमुनानगर: उत्तर प्रदेश से हरियाणा की रंजीतपुर अनाज मंडी में अवैध रूप से खपाने के लिए लाई जा रही गेहूं की एक बड़ी खेप को बिलासपुर पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर आजाद वाला गांव के पास नाकाबंदी कर गेहूं से भरी तीन ट्रालियों को कब्जे में लिया है। पुलिस ने तीनों ट्रैक्टर चालकों को हिरासत में लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।

गुप्त सूचना पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पुलिस को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश के रास्ते अवैध गेहूं की खेप रंजीतपुर अनाज मंडी ले जाई जा रही है। इस पर बिलासपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और तीनों ट्रालियों को रोक लिया। सूचना मिलते ही किसान यूनियन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, पकड़े गए गेहूं की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है।

बिना दस्तावेजों के परिवहन और घोटाले की आशंका

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गेहूं की यह खेप बिना किसी वैध दस्तावेज के लाई जा रही थी। पुलिस ने जब्त गेहूं के बारे में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को सूचित कर दिया है। विभाग अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस अवैध सप्लाई के पीछे किन लोगों का हाथ है। गौरतलब है कि यमुनानगर जिला पहले ही करोड़ों रुपये के धान घोटाले को लेकर चर्चा में रहा है, ऐसे में गेहूं की यह बरामदगी प्रशासन के लिए एक नई चुनौती मानी जा रही है।

पुलिस का बयान

बिलासपुर पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए चालकों से पूछताछ की जा रही है ताकि इस अवैध नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचा जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अनाज तस्करी के इस खेल में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की गहन जांच जारी है।