मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सुरक्षा और स्वावलंबन को लेकर एक पोस्ट साझा किया है. जिसके माध्यम से उन्होंने बताया है कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा मिली है. उन्होंने महिला कार्यबल भागीदारी दर में वृद्धि और स्टार्टअप्स में महिलाओं की भूमिका का जिक्र करते हुए सरकार की विभिन्न योजनाओं को नारी सशक्तीकरण का आधार बताया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यशस्वी मार्गदर्शन में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने उत्तर प्रदेश को उपद्रव प्रदेश से उत्सव प्रदेश बनाने के साथ ही नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा प्रदान की है.
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2017 से पहले जिन बेटियों के लिए घर की चौखट पार करना भी एक चुनौती थी, आज वही बेटियां नाइट शिफ्ट में भी काम करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति प्रदान कर रही हैं. प्रदेश के 50% से अधिक स्टार्टअप्स को आज नारी शक्ति लीड कर रही हैं. महिला कार्यबल भागीदारी दर 12% से बढ़कर 36% से अधिक होना प्रदेश में महिलाओं के बढ़ते विश्वास और विस्तृत होते अवसरों का स्पष्ट प्रमाण है. मातृशक्ति के स्वास्थ्य से लेकर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य तक डबल इंजन सरकार की कल्याणकारी योजनाएं नारी सशक्तीकरण को नित्य नई मजबूती प्रदान कर रही है.
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और पोषण अभियान से माताओं एवं शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण को संबल मिला है. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य को आर्थिक सुरक्षा प्रदान कर रही हैं, वहीं मिशन शक्ति, ऑपरेशन कायाकल्प, कस्तूरबा बालिका विद्यालय, सेफ सिटी, रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना और लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर वर्किंग वुमन हॉस्टल जैसी पहलें उनकी शिक्षा, सुरक्षा, गतिशिलता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते खोल रही हैं. ‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’ की भावना को आत्मसात करते हुए प्रदेश की डबल इंजन सरकार ‘सशक्त नारी-समृद्ध उत्तर प्रदेश’ के माध्यम से ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है.

