राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर लखनऊ के लोकभवन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 12 बुनकरों को सम्मानित किया। अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुरानी दिनचर्या और पिछली सरकार के कामकाज पर जोरदार तंज कसा।
लखनऊ। लोकभवन में राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 12 उत्कृष्ट बुनकरों को संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार से पुरस्कृत किया। मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की पूर्ववर्ती सरकार और उनकी व्यक्तिगत जीवनशैली पर करारा हमला बोला।
अखिलेश की दिनचर्या पर जोरदार तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में बिना नाम लिए पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जिंदगी भर बच्चे ही बने रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों की प्राथमिकता प्रदेश का सर्वांगीण विकास करना नहीं, बल्कि खुद की दिनचर्या तक ही सीमित रहना था।
सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि जो लोग दोपहर 12 बजे सोकर उठते थे, 2 बजे तैयार होते थे, 5 बजे जिम चले जाते थे और शाम 7 बजे महफिल सजा लेते थे, उनके पास प्रदेश की भलाई के लिए समय ही कहां था। उन्होंने कानून-व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में महिलाओं के लिए सबसे बड़ा खतरा सत्ता से जुड़े लोग ही थे, जबकि मौजूदा सरकार सुशासन के आधार पर हर वर्ग तक लाभ पहुंचा रही है।
12 बुनकरों को मिला सम्मान
लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने चयनित 12 बुनकरों को चार अलग-अलग श्रेणियों में संत कबीर राज्य हथकरघा पुरस्कार प्रदान किए। पुरस्कार स्वरूप प्रथम स्थान पाने वाले शिल्पियों को 1 लाख रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वालों को 50 हजार रुपये और तृतीय स्थान पाने वालों को 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई।
पुरस्कारों में वाराणसी के बुनकरों का वर्चस्व
पुरस्कार विजेताओं की सूची में वाराणसी के बुनकरों ने अपना परचम लहराया। साड़ी, ब्रोकेड एवं ड्रेस मैटेरियल श्रेणी में चोलापुर के जमालुद्दीन को उनकी उत्कृष्ट जामदानी साड़ी के लिए प्रथम, रामनगर के अनिकेत कुमार मौर्य को द्वितीय और आजमगढ़ के मो. अकमल को तृतीय स्थान मिला।
सूती व वूलेन दरी श्रेणी में सीतापुर के अकील अहमद पहले, कानपुर नगर के मो. शारिक अंसारी दूसरे और बरेली के मुन्ने अली तीसरे स्थान पर रहे। बेडशीट और होम फर्निशिंग वर्ग में बिजनौर के कफील अहमद को प्रथम, बागपत के प्रमोद कुमार को द्वितीय तथा गोरखपुर के फैजुल हसन अंसारी को तृतीय पुरस्कार मिला।
स्टोल, स्कार्फ और गमछा श्रेणी में वाराणसी के प्यारे लाल प्रथम, बाराबंकी की आयशा बानो द्वितीय और गोरखपुर के रेहान वसीम तृतीय पुरस्कार से नवाजे गए। मुख्यमंत्री ने अन्य सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को वित्तीय मदद सौंपते हुए कहा कि सरकार बुनकरों को बेहतर बाजार और आधुनिक सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है।


