वाराणसी. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गोरक्षा को लेकर के उत्तर प्रदेश सरकार पर फिर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि गोरक्षा के संकल्प का दावा करने वाले गो विशिष्ठ संकल्प सभा (गो गर्जना सभा) में शामिल होने वालों को बुलडोजर चलाने का नोटिस दे रहे हैं. हाउस अरेस्ट कर उन्हें इस सभा में न शामिल होने की धमकी दी जा रही है. यह किस तरीके की सरकार है, जो गो यात्रा में शामिल होने जा रहे समर्थकों को ही हाउस अरेस्ट कर रही है.
स्वामी ने कहा कि भगवान और गौमाता के आशीर्वाद से सभी 403 विधानसभाओं में गविष्ठि यात्रा सफलतापूर्व सम्पन्न हुई. उन्होंने कहा कि योगी सरकार इस समय विज्ञापन चला रही है कि वे बहुत बड़ी गौरक्षा कर रहे हैं और मॉडल बन रहे हैं. ये मॉडल क्या है? ये मॉडल ये है कि जो गौमाता की रक्षा के लिए आवाज उठाएगा उसे हाउस अरेस्ट कर दिया जाएगा. सैकड़ों लोगों ने अपने अपे घरों से वीडियो बनाकर हमें भेजकर बताया कि पुलिस किस तरह उन्होंने घर से बाहर नहीं निकलने दे रही है. बहुत से लोगों को धमकाया भी गया है. वहीं कई लोगों के घरों में बुलडोजर चलाने को लेकर नोटिस भी दिया गया है.
इसे भी पढ़ें : मेरठ से उत्तराखंड तक ‘जहर’ का नेटवर्क! 6 लाख नकली कैप्सूल के साथ बड़ा खुलासा
स्वामी ने आगे कहा कि सरकार वास्तव में गायों के संरक्षण को लेकर कितनी गंभीर है, इस बात का पता सरकारी विज्ञापन से ही लग जाता है. जहां गोशाला की तस्वीर नहीं सांझा की जाती है. वहीं उन्होंने गोविंदानंद सरस्वती की ओर से की गई आलोचना पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. कहा कि शंकराचार्य पद पर सवाल उठने से वास्तविकता नहीं बदली जाती, किसी भी पद की वैधता आरोप से नहीं, बल्कि परंपराओं द्वारा स्थापित प्रक्रिया से तय होती है. वहीं छात्र आंदोलन के बाद हुई शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर कहा कि किसी मंत्री का इस्तीफा पूरे सिस्टम को बदलने की गारंटी नहीं है, लेकिन इससे जवाब देही तय होती है.


