कर्ण मिश्रा, ग्वालियर। एमपी के ग्वालियर में वीरता के तीन ऐतिहासिक किरदार सड़क पर एक साथ नजर आए। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई, उनकी वीरांगना साथी झलकारी बाई और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक तात्या टोपे। लेकिन इन किरदारों ने लोगों का ध्यान अपनी बहादुरी से नहीं, बल्कि ट्रैफिक नियम तोड़ने की वजह से खींच लिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में तीनों एक ही स्कूटी पर सवार नजर आ रहे हैं। उम्र के हिसाब से तीनों नाबालिग स्कूली छात्र-छात्राएं नजर आ रहे हैं।
ट्रिपलिंग और नाबालिग द्वारा वाहन चलाने का यह वीडियो अब चर्चा का विषय बना हुआ है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो बेजाताल के पास 18 जून यानी कल का है। इसी दिन ग्वालियर स्थित वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई समाधि स्थल के सामने आयोजित बलिदान मेले में रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई और तात्या टोपे के ऐतिहासिक किरदारों का मंचन हुआ था। कार्यक्रम को लेकर इन्हीं वेशभूषाओं में तीनों छात्र-छात्राएं एक स्कूटी पर सवार होकर निकल पड़े।
राहगीरों की नजरें इन किरदारों पर तो ठहर गईं,लेकिन कैमरे में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन भी कैद हो गया,वायरल वीडियो में स्कूटी पर तीन लोग सवार दिखाई दे रहे हैं। देखने से तीनों नाबालिग स्कूली छात्र-छात्राएं लग रहे हैं। शहर में अक्सर स्कूली बच्चे बिना लाइसेंस दोपहिया वाहन चलाते हुए नजर आते हैं। ऐसे में यह वीडियो एक बार फिर अभिभावकों की जिम्मेदारी और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।
ट्रैफिक डीएसपी अजीत सिंह चौहान का कहना है कि परिजनों को अपने नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन नहीं देना चाहिए। ट्रैफिक पुलिस लगातार स्कूलों और कोचिंग संस्थानों में जागरूकता अभियान चला रही है, ताकि छात्र-छात्राएं नियमों का पालन करें और किसी दुर्घटना का शिकार न हों।
बहरहाल रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई और तात्या टोपे ने अपने साहस और अनुशासन से इतिहास रचा था। लेकिन उनके किरदार निभाने वाले ये बच्चे सड़क पर ट्रैफिक नियम तोड़ते नजर आए। सवाल यही है कि अगर इतिहास के नायकों से प्रेरणा लेनी है, तो क्या उनके अनुशासन और जिम्मेदारी को भी नहीं अपनाना चाहिए?

