मोहाली : पंजाब पुलिस द्वारा पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार यूट्यूबर जसबीर सिंह को मोहाली की स्थानीय अदालत से बड़ा झटका लगा है। जसबीर ने जमानत के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन अदालत ने गंभीर आरोपों का हवाला देते हुए इसे खारिज कर दिया। पिछले एक महीने से जेल में बंद जसबीर को अब जमानत के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाना होगा।
जसबीर सिंह के बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं हैं और लगाए गए सभी आरोप मनगढ़ंत हैं। वकीलों ने कहा कि केवल पाकिस्तान जाना या किसी डिप्लोमैट से मिलना देशद्रोह साबित नहीं करता। हालांकि, अभियोजन पक्ष की दलीलों और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने जमानत याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं और इस स्तर पर जमानत देना उचित नहीं है। मामले की जांच पंजाब पुलिस की स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल द्वारा की जा रही है।

पंजाब पुलिस के प्रमुख खुलासे पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों से मुलाकात
डीजीपी गौरव यादव ने गिरफ्तारी के समय बताया था कि जसबीर सिंह ने दिल्ली में आयोजित पाकिस्तान नेशनल डे कार्यक्रम में दानिश के निमंत्रण पर हिस्सा लिया था। इस दौरान वह पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और ब्लॉगर्स से मिला। जसबीर 2020, 2021 और 2024 में पाकिस्तान का दौरा कर चुका है।
फोन में मिले पाकिस्तानी नंबर
पुलिस जांच में जसबीर के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस से कई पाकिस्तान आधारित नंबर और संदिग्ध डेटा बरामद हुए। उसने कुछ डेटा डिलीट भी किया था। पुलिस ने उसके फोन और लैपटॉप को फॉरेंसिक जांच के लिए लैब भेजा है। पुलिस को एक अन्य व्यक्ति, जोती, की गिरफ्तारी के बाद जसबीर पर शक हुआ, जिसके बाद उसकी गतिविधियों की गहन जांच शुरू की गई। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जसबीर की गतिविधियों का मकसद क्या था और क्या वह किसी बड़े नेटवर्क का हिस्सा था।
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