Delhi Weather: राजधानी दिल्ली इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। थार रेगिस्तान और बलूचिस्तान क्षेत्र से आने वाली गर्म और शुष्क हवाएं दिल्ली-NCR के मौसम को और अधिक गर्म बना रही हैं। इन रेगिस्तानी हवाओं के कारण वातावरण में नमी का स्तर काफी कम हो गया है, जिससे लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक गर्मी और बेचैनी महसूस हो रही है। सूखी और तेज हवाओं की वजह से राजधानी समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में लू जैसी स्थिति बन गई है।
इस समय दिल्ली की ओर बहने वाली हवाएं इन्हीं रेगिस्तानी इलाकों से होकर आ रही हैं, जिसके कारण तापमान और तपिश लगातार बढ़ रही है। मौसम निगरानी संस्था स्काईमेट के मुताबिक, बलूचिस्तान और थार मरुस्थल के आसपास कोई बड़ी जलराशि या समुद्र मौजूद नहीं है। इसी वजह से वहां की हवाएं बेहद सूखी और गर्म होती हैं। यदि हवाएं अरब सागर या बंगाल की खाड़ी की दिशा से आतीं, तो वे अपने साथ नमी लेकर आतीं और गर्मी का असर कुछ कम हो सकता था। लेकिन फिलहाल मरुस्थलीय क्षेत्रों से आने वाली शुष्क हवाएं देश के बड़े हिस्से में तापमान बढ़ाने और लू की स्थिति पैदा करने का काम कर रही हैं।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 10 दिनों तक आंधी या बारिश जैसी कोई बड़ी मौसमी गतिविधि बनने की संभावना बेहद कम है। साथ ही किसी मजबूत पश्चिमी विक्षोभ या साइक्लोनिक सर्कुलेशन के सक्रिय होने के आसार भी नजर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में राजधानी समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मौसम शुष्क और बेहद गर्म बना रह सकता है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में हीट वेव के साथ-साथ ‘वार्म नाइट’ की स्थिति भी देखने को मिल सकती है। यानी रात के समय भी तापमान सामान्य से अधिक बना रहेगा, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिलेगी। गर्म और शुष्क हवाओं के कारण वातावरण में नमी कम बनी हुई है, जिससे तपिश का असर और ज्यादा महसूस हो रहा है। दोपहर के समय लू चलने और रात में उमस भरी गर्मी बने रहने की संभावना है।
मौसम विभाग के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2024 का मई महीना बेहद गर्म रहा था। पूरे महीने में 6 दिन ऐसे दर्ज किए गए, जब लोगों को लू का सामना करना पड़ा। वहीं, वर्ष 2013 में लू वाले दिनों की संख्या 4 थी। इसके मुकाबले वर्ष 2025 का मई अपेक्षाकृत राहतभरा रहा, जब बीच-बीच में मौसम में बदलाव और हल्की मौसमी गतिविधियों के कारण लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिली थी। दिल्ली के तापमान में लगातार बढ़ोतरी का ट्रेंड देखा जा रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2019 में राजधानी का औसत भूमि सतह तापमान (लैंड सर्फेस टेम्परेचर) 29.1 डिग्री सेल्सियस था, जो 2026 में बढ़कर 32.0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। यानी करीब 11 वर्षों में लैंड सर्फेस तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है।
दिल्ली में अगले 4 दिन लू अलर्ट जारी
मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 4 दिनों तक दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में लू की स्थिति बनी रह सकती है। इस दौरान तेज गर्म हवाएं और कड़ी धूप लोगों को झुलसाने का काम करेंगी। सोमवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। कई इलाकों में लू जैसे हालात देखने को मिले। पिछले दिनों पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुई आंधी और बारिश से मिली राहत अब पूरी तरह खत्म हो चुकी है और राजधानी का मौसम फिर से बेहद गर्म और शुष्क हो गया है। सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया था। सुबह 9 बजे के बाद धूप तीखी हो गई, जबकि 11 बजे के बाद घर से बाहर निकलना मुश्किल महसूस होने लगा। दिनभर चलने वाली गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया।
लोधी रोड पर लू जैसी स्थिति, रिज सबसे गर्म
सफदरजंग में सोमवार को न्यूनतम तापमान 26.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम है। वहीं, यहां आर्द्रता का स्तर 19 से 57 फीसदी के बीच रहा। दिल्ली का रिज इलाका सबसे ज्यादा गर्म रिकॉर्ड किया गया, जहां अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, लोधी रोड पर अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 4.8 डिग्री ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार, जब अधिकतम तापमान सामान्य से 4.5 डिग्री या उससे अधिक बढ़ जाता है, तो उसे लू की स्थिति माना जाता है। दिल्ली के कुछ हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस या उससे ऊपर भी पहुंच सकता है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। वहीं, हवा की रफ्तार 15 से 25 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है।
फिलहाल दिल्ली की हवा साफ
राजधानी की हवा फिलहाल अपेक्षाकृत साफ बनी हुई है। मौसम के अलग-अलग कारकों की वजह से AQI में स्थिरता देखने को मिल रही है। CPCB के अनुसार, सोमवार को दिल्ली का औसत AQI 173 दर्ज किया गया। इस स्तर की हवा को ‘मध्यम’ श्रेणी में रखा जाता है। इससे एक दिन पहले रविवार को AQI 174 दर्ज किया गया था। यानी पिछले 24 घंटों के दौरान AQI में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ और स्थिति लगभग स्थिर बनी रही।
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