महाराष्ट्र में मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए चल रही ‘विशेष सघन पुनरीक्षण’ SIR प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है. महाराष्ट्र में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत मतदाता सूची की जांच में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं. स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के तहत मतदाता सूची की जांच में बड़ी संख्या में ऐसे मतदाता सामने आए हैं, जिनके नाम दो जगह दर्ज हैं. जबकि 75 लाख 52 हजार मतदाताओं का पता ही नहीं चल सका है.
करीब 2 करोड़ 7 लाख से अधिक मतदाताओं के SIR गणना प्रपत्र अलग-अलग कारणों से जमा नहीं हो सके हैं. 17 अगस्त 2026 को SIR के तहत मतदाताओं के गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तारीख थी.
महाराष्ट्र में कुल 9 करोड़ 78 लाख मतदाता हैं, जिनमें से 7 करोड़ 71 लाख मतदाताओं ने SIR प्रक्रिया पूरी कर ली है. अर्थात लगभग 78.85 प्रतिशत मतदाता अपना रजिस्ट्रेशन कराने में सफल रहे हैं. SIR प्रकिया में मुंबई, ठाणे और पुणे जैसे प्रमुख और घनी आबादी वाले महानगरों का सबसे कम रिस्पांस मिला है.
मंगलवार को राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय की ओर से SIR के अंतिम आंकड़े जारी किए गए. जिनमें कुल 2 करोड़ 7 लाख से अधिक मतदाताओं को ‘अनकलेक्टेबल’ सूची में शामिल किया गया है. जिनका SIR फॉर्म जमा नहीं हो सका है- कारण घर पर नहीं मिलना, मौत होना, किसी और जगह चले जाने, इसके अलावे और भी कारण हो सकते.
चुनाव आयोग और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ‘अनकलेक्टेबल’ यानी संपर्क से बाहर होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि मतदाता का नाम तुरंत काट दिया जाएगा.
महाराष्ट्र में कुल 9 करोड़ 78 लाख मतदाताओं में से 7 करोड़ 71 लाख मतदाताओं के SIR फॉर्म जमा हो चुके हैं. इसके अलावा, 75 लाख मतदाताओं का पता नहीं चल सका है. SIR में पाया गया है कि 17 लाख 63 हजार मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम दो जगह अंकित हैं.
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