रायपुर। 10 जून 2026 भारतीय लोकतंत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी देश के सबसे लंबे समय तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। यह केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, आशाओं और आकांक्षाओं की विजय है।
मुझे आज भी वर्ष 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का वह उद्घोष याद है जब उन्होंने कहा कि “अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा।” 1984 में जब भाजपा केवल दो सीटों पर सिमट गई, तब विरोधियों ने उपहास किया, लेकिन हम कार्यकर्ताओं का विश्वास अडिग था। हमें भरोसा था कि यह संघर्ष एक दिन राष्ट्रव्यापी जनआंदोलन बनेगा और फिर वर्ष 2014 में श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में 282 सीटों के ऐतिहासिक जनादेश ने उस विश्वास को साकार कर दिया।
26 मई 2014 को जब श्री मोदी जी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब स्पष्ट हो गया था कि यह केवल सरकार का नहीं, बल्कि राष्ट्र के विचार का परिवर्तन है। यह राजनीति को सत्ता से सेवा की ओर ले जाने का संकल्प था। प्रधानमंत्री के रूप में श्री मोदी जी द्वारा प्रारंभिक फैसलों में एक संकल्प था “स्वच्छ भारत अभियान” जिसे मैं मोदी जी की सबसे दूरदर्शी निर्णयों में से एक मानता हूँ। भारत में कभी स्वच्छता को सिर्फ शब्दों तक सीमित बनाकर रख दिया गया था, लेकिन श्री मोदी जी ने लाल किले की प्राचीर से स्वच्छता का सन्देश देकर इसे जनआंदोलन बना दिया और 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण सुनिश्चित करवाकर न सिर्फ देश को खुले में शौच से मुक्ति दिलाई, बल्कि करोड़ों माताओं-बहनों की गरिमा और सम्मान की रक्षा की।
15 वर्षों तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य करते हुए मुझे नरेंद्र भाई मोदी के साथ अनेक अवसरों पर काम करने और संवाद करने का अवसर मिला। मैंने उन्हें बहुत निकट से देखा है, एक साधारण परिवार से निकलकर देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद तक पहुँचे मोदी जी आज भी गांव, गरीब, किसान और वंचित वर्ग की पीड़ा को उसी संवेदनशीलता से समझते हैं। यही कारण है कि वे केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आशा के प्रतीक बन चुके हैं।
मुझे वह अवसर भी याद है जब छत्तीसगढ़ में खाद्य सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के रूप में नरेंद्र भाई स्वयं उपस्थित हुए थे। उन्होंने तब भी कहा था कि गरीब का सम्मान और उसकी बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति ही सुशासन का सबसे बड़ा आधार है। आज जब श्री मोदी जी के नेतृत्व में 81 करोड़ से अधिक देशवासियों को निःशुल्क राशन मिल रहा है, तब उनकी वही संवेदनशील सोच राष्ट्रीय नीति का रूप ले चुकी है।
पिछले 12 वर्षों में प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में विकास का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुँचा है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से देश के 60 करोड़ परिवारों को5 लाख तक की स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पक्के घर प्राप्त हुए हैं और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के जरिए 9.32 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 4 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे पहुँची है।गरीब कल्याण के इस व्यापक दृष्टिकोण का सबसे महत्वपूर्ण आयाम महिला सशक्तिकरण रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जी भली-भांति जानते हैं कि यदि भारत को विकसित राष्ट्र बनना है तो उसकी आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा में सम्मानजनक भागीदारी देनी होगी। इस दिशा में तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त कर मुस्लिम महिलाओं को न्याय दिलाने की बात हो या नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का मार्ग प्रशस्त करने का प्रयास। ये सभी निर्णय इस बात का प्रमाण हैं कि पिछले 12 वर्षों में मोदी जी ने विकास को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे सामाजिक न्याय, सम्मान और जनकल्याण का माध्यम बनाया है।
लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जी का विकास मॉडल केवल सामाजिक परिवर्तन तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि जनकल्याण की योजनाओं के साथ-साथ देश की आधारभूत संरचना भी उसी गति से विकसित हो, जो विकसित भारत की मजबूत नींव बन सके। इसका स्पष्ट प्रमाण उनके 12 वर्ष के कार्यकाल में दिखाई देता है जहाँ उन्होंने भारत के विकास को नई गति दी है। चिनाब रेल ब्रिज, अटल सेतु, वंदे भारत ट्रेन के साथ ही 64 लाख किलोमीटर रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करते हुए विश्व में दूसरा सबसे बड़ा रोड नेटवर्क बनाने की बात हो या 1155 किलोमीटर मेट्रो रेल नेटवर्क जैसे अनेकों कार्य श्री मोदी जी के नेतृत्व में यह विकास कार्य आज नए भारत की पहचान बन चुके हैं। उन्होंने सिद्ध किया कि बड़े सपने तभी पूरे होते हैं जब नेतृत्व में स्पष्ट दृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति हो। स्वाभाविक रूप से इतनी व्यापक आधारभूत संरचना का प्रभाव देश की अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दिया और भारत ने विकास की नई ऊँचाइयों को स्पर्श करना प्रारंभ किया।
वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने देश की बागडोर संभाली, तब भारत विश्व की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था। आज, मात्र एक दशक के भीतर, भारत जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह परिवर्तन किसी संयोग का परिणाम नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व, साहसिक आर्थिक सुधारों और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाली नीतियों का प्रतिफल है।
आज भारत लगभग 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के रूप में विश्व मंच पर आत्मविश्वास के साथ खड़ा है और तेजी से 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अनिश्चितताओं के बीच भी भारत दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बना हुआ है। यह केवल विकास दर का विषय नहीं, बल्कि विश्व समुदाय द्वारा भारत और उसके नेतृत्व पर व्यक्त किए जा रहे बढ़ते विश्वास का प्रमाण है।
प्रधानमंत्री मोदी जी की एक बड़ी विशेषता यह रही है कि उन्होंने आर्थिक विकास को केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहने दिया। उनके नेतृत्व में विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आंकलनों के अनुसार पिछले वर्षों में 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले हैं। यह उपलब्धि करोड़ों परिवारों के जीवन में आए उस सकारात्मक परिवर्तन की कहानी है, जहाँ सरकारी योजनाएँ कागजों से निकलकर लोगों के जीवन का हिस्सा बनीं।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने भारत के विकास को केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे हमारी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से भी जोड़ा है। अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास, उज्जैन में महाकाल लोक का सृजन और चारधाम परियोजना जैसे कार्य केवल अधोसंरचना विकास नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना के पुनर्जागरण के प्रतीक हैं।
किन्तु किसी भी राष्ट्र की समृद्धि और संस्कृति तभी स्थायी हो सकती है जब उसकी सीमाएँ सुरक्षित हों और उसके नागरिक भयमुक्त वातावरण में जीवन व्यतीत कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी जी ने आर्थिक शक्ति और सांस्कृतिक समृद्धि के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी समान प्राथमिकता दी है।
वर्ष 2014 से पहले जब देश पर आतंकवादी हमले होते थे, तब देशवासी केंद्र सरकार की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देखते थे, लेकिन अक्सर उन्हें निराशा ही हाथ लगती थी। आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख सीमित प्रतिक्रियाओं तक ही दिखाई देता था लेकिन 2014 के बाद यह तस्वीर बदली तो इसका कारण सिर्फ मोदी जी की नीतियां हैं। श्री मोदी जी का स्वाभिमान और साहस तो इस देश ने तब भी देखा था जब उन्होंने आतंकवादियों की धमकियों का सामना करते हुए कश्मीर के लाल चौक पर जाकर तिरंगा फहराया था और अब जब देश का नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथ में है तब राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में भी भारत ने नया आत्मविश्वास प्राप्त किया है। कश्मीर को धारा 370 के जाल से निकालकर भारतीय संविधान की मर्यादा में शामिल करने का ऐतिहासिक निर्णय श्री मोदी जी द्वारा असंभव को संभव करने का एक अद्भुत उदाहरण है। इसके साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिन्दूर से आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक नीति ने दुनिया को यह संदेश दिया कि नया भारत अपनी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगा। वहीं दशकों से भारत माता की पीड़ा बने नक्सलवाद को समूल नाश करने के लिए श्री मोदी जी के प्रभावी अभियानों ने ‘नक्सल मुक्त भारत‘ के लक्ष्य को न सिर्फ साकार किया है बल्कि कभी नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का काम भी किया है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने न केवल देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, बल्कि वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सैनिकों के त्याग और समर्पण का सम्मान करते हुए सीमा पर जवानों के साथ दीपावली मनाकर यह संदेश दिया है कि देश की सुरक्षा में जुटा प्रत्येक जवान केवल सीमा का प्रहरी नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास और सम्मान का प्रतीक है।
श्री मोदी जी ने अपने वादों को पूरा करते हुए देश का विश्वास जीता है, इसलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी ने केवल चुनावी सफलताएँ ही प्राप्त नहीं की हैं, बल्कि देश के राजनीतिक भूगोल को भी नई दिशा दी है। पिछले एक दशक में भाजपा का संगठनात्मक विस्तार अभूतपूर्व रहा है। आज देश के 22 राज्यों में भाजपा एवं उसके सहयोगी दलों की सरकारें हैं, 1700 से अधिक विधायक, लोकसभा में 240 सांसद और राज्यसभा में 113 सांसद करोड़ों देशवासियों के उस विश्वास का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व और भाजपा की विकासोन्मुखी राजनीति के प्रति निरंतर मजबूत हुआ है।
यह विस्तार केवल आंकड़ों की कहानी नहीं है। पश्चिम बंगाल जैसे राज्य में, जहाँ कभी भाजपा के केवल तीन विधायक हुआ करते थे, आज पार्टी एक प्रमुख राजनीतिक शक्ति के रूप में स्थापित हो चुकी है। असम में लगातार जनसमर्थन और ओडिशा में पहली बार पूर्ण बहुमत की सरकार का गठन इस बात का प्रमाण है कि विकास, सुशासन और राष्ट्रहित की राजनीति ने क्षेत्रीय सीमाओं को पार कर देशव्यापी स्वीकार्यता प्राप्त की है।
वास्तव में राजनीतिक सफलता का यह विस्तार प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रति जनता के बढ़ते विश्वास का ही प्रतिबिंब है। यही विश्वास उन्हें आज भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक विशिष्ट स्थान प्रदान करता है। 10 जून 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी अपने लगातार निर्वाचित कार्यकाल के 4399 दिन पूर्ण कर देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के 4398 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। यह उपलब्धि केवल किसी व्यक्ति या दल की विजय नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक भारत में जनता द्वारा बार-बार व्यक्त किए गए विश्वास की ऐतिहासिक अभिव्यक्ति है।
जब मैं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के 12 वर्षों के कार्यकाल को देखता हूँ, तो मुझे यह केवल एक सरकार का कार्यकाल नहीं, बल्कि भारत के आत्मविश्वास, विकास और वैश्विक प्रतिष्ठा के पुनर्जागरण का कालखंड दिखाई देता है। गरीब कल्याण से लेकर आर्थिक प्रगति तक, अधोसंरचना निर्माण से लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा तक, सांस्कृतिक पुनर्जागरण से लेकर वैश्विक नेतृत्व तक हर क्षेत्र में भारत ने नई ऊँचाइयों को स्पर्श किया है।
एक भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता के रूप में मुझे पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में चौथे कार्यकाल के दौरान भारत विकसित राष्ट्र बनने की अपनी यात्रा को और अधिक गति देगा। देश की जनता ने पिछले वर्षों में जिस नेतृत्व, नीयत और परिणामों को देखा है, वह विश्वास आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा। मुझे विश्वास है कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत न केवल विश्व की अग्रणी आर्थिक शक्तियों में शामिल होगा, बल्कि 21वीं सदी में मानवता को दिशा देने वाले राष्ट्र के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करेगा।

अध्यक्ष, छ:ग विधानसभा, पूर्व मुख्यमंत्री, छ:ग शासन

