हेमंत शर्मा, इंदौर। जब देश के बैंकों का पैसा डूब रहा था, तब एक कारोबारी अरब सागर की लहरों को निहारते हुए अपनी लग्जरी जिंदगी जी रहा था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस ऐश की कलई खोल दी है। ED, इंदौर ने PMLA, 2002 के तहत महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड में अलीबाग के नजदीक अरब सागर के सामने बनी एक आलीशान प्रॉपर्टी को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। इस संपत्ति की मौजूदा बाजार कीमत ₹60 करोड़ से भी ज्यादा बताई जा रही है।
कौन है इस घोटाले का मास्टरमाइंड?
जांच में सामने आया है कि M/s S. Kumars Nationwide Limited (SKNL) के पूर्व चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नितिन शंभुकुमार कासलीवाल ने बैंकों से मोटा कर्ज लेकर उसे अपने परिवार और तमाम शेल कंपनियों के जाल के जरिए इधर-उधर घुमाया। यह पैसा “लेयरिंग” के जरिए साफ करके आखिरकार इसी सागर किनारे की लग्जरी प्रॉपर्टी खरीदने में लगा दिया गया।
लंदन में बकिंघम पैलेस के पड़ोस में भी था ठिकाना!
यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले ED ने 23 दिसंबर 2025 को PMLA की धारा 17 के तहत छापेमारी की थी, जिसमें विदेशी ट्रस्ट और ऑफशोर कंपनियों के जरिए रखी गई विदेशी संपत्तियों के सबूत मिले थे। जांच के आधार पर **लंदन में बकिंघम पैलेस के पास स्थित एक हाई-वैल्यू प्रॉपर्टी – जिसकी कीमत लगभग 119.55 करोड़ है – को भी अस्थायी रूप से कुर्क किया जा चुका है।
अभी और खुलासे होंगे
ED की जांच अभी जारी है। एजेंसी बैंक कंसोर्शियम के साथ की गई इस 1400 करोड़ की धोखाधड़ी में और संपत्तियों की तलाश कर रही है – देश में भी, विदेश में भी। ED सूत्रों के मुताबिक यह सिर्फ शुरुआत है। घोटाले की परतें अभी और उधड़नी बाकी हैं।

