हांसी। हरियाणा के हांसी जिले के चानौत गांव से पानी के संकट को लेकर एक बड़ी और गरमाई हुई खबर सामने आ रही है। भाखड़ा पाइपलाइन से टी-कनेक्शन लेकर पीने के पानी की सप्लाई की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन अब 35वें दिन में प्रवेश कर चुका है। गुरुवार को जिले के डीसी और एसपी की तरफ से की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद चानौत संघर्ष समिति और आमरण अनशन पर बैठे ग्रामीणों ने भी अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने एक साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों पर कई गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए। इस टकराव के बाद इलाके में तनाव और रोष का माहौल बन गया है।

अनशनकारियों ने जारी किया कानूनी एफिडेविट, कहा- कुछ भी हुआ तो प्रशासन होगा जिम्मेदार

इस आंदोलन में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब आमरण अनशन पर बैठे सभी पांच ग्रामीणों ने अपना एफिडेविट यानी कानूनी हलफनामा जारी कर दिया। अनशनकारियों ने इसमें साफ-साफ लिखा है कि वे बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी और स्वेच्छा से इस अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने सीधे तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य को कोई नुकसान पहुंचता है या कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके सीधे जिम्मेदार हांसी के विधायक विनोद भ्याणा, डीसी राहुल नरवाल और एसपी विनोद कुमार होंगे। संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को गलत तरीके से पेश कर रहा है।

एसपी के बयान पर भड़का पूरा गांव, आंदोलनकारियों को शरारती तत्व कहने पर जताई आपत्ति

चानौत संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने हांसी के एसपी द्वारा धरना कमेटी से जुड़े लोगों को शरारती तत्व (Mischievous Elements) कहे जाने पर बहुत कड़ी आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि वे अपने हक और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा के लिए शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं, ऐसे में उन्हें इस तरह के शब्दों से संबोधित करना पूरे गांव का अपमान है। इस बयान के सामने आने के बाद से पूरे चानौत गांव के लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी नाराजगी और गुस्सा देखा जा रहा है।

राजली हेड से नहीं चाहिए पानी, पाइपलाइन का साइज बढ़ाकर टी-कनेक्शन देने की एकमात्र मांग

ग्रामीणों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात दोहराते हुए कहा कि उनकी मांग को लेकर कोई भ्रम नहीं है। वे शुरू से एक ही बात कह रहे हैं और उसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। उन्होंने साफ कर दिया कि उन्हें राजली हेड से पानी की सप्लाई नहीं चाहिए। उनकी एकमात्र मांग है कि हांसी शहर को जाने वाली मौजूदा ड्रिंकिंग वॉटर पाइपलाइन (Drinking Water Pipeline) का साइज यानी व्यास बढ़ाया जाए। इसके बाद उसी मुख्य लाइन से टी-कनेक्शन (T-Connection) देकर चानौत गांव को पीने का साफ पानी उपलब्ध कराया जाए। आम भाषा में समझें तो टी-कनेक्शन का मतलब मुख्य पाइपलाइन के बीच में एक अंग्रेजी के टी अक्षर जैसा जॉइंट लगाकर गांव के लिए पानी का नया रास्ता निकालना है। ग्रामीणों ने कहा कि वे किसी भी दूसरी वैकल्पिक योजना को नहीं मानेंगे और मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।