लखनऊ. उत्तर प्रदेश बोर्ड ने 465 स्ववित्तपोषित स्कूलों की मान्यता समाप्त कर दी है. 2 शैक्षिक सत्रों से निष्क्रिय स्कूलों पर ये कार्रवाई की गई है. बोर्ड ने कक्षाएं संचालित न करने वाले स्कूलों की मान्यता खत्म की है. इसमें गाजीपुर में सबसे ज्यादा 47 स्कूलों की मान्यता समाप्त की गई है. प्रयागराज के 25, लखनऊ के 15 स्कूल सूची में शामिल हैं. कानपुर नगर के 19, आजमगढ़ के 16 स्कूलों पर गाज गिरी है. हरदोई, अलीगढ़ समेत कई जिलों के स्कूल बंद होंगे. इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम 1921 (Intermediate Education Act 1921) के तहत उत्तर प्रदेश बोर्ड ने ये कार्रवाई की है. इन सभी स्कूलों में 2 वर्षों से किसी भी तरह की कोई शैक्षणिक गतिविधि संचालित नहीं की जा रही थी. लिहाजा बोर्ड ने ये कार्रवाई की है.
बता दें कि आगरा के 12, फिरोजाबाद के नौ, शिकोहाबाद का एक, मैनपुरी के 10, एटा के 18, मथुरा के 11, अलीगढ़ के 14, हाथरस के पांच, कासगंज के तीन, बुलंदशहर के 4, गाजियाबाद के 6, गौतमबुद्धनगर के दो, मेरठ के 5, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, रामपुर, लखीमपुर खीरी, कानपुर देहात, झांसी, ललितपुर जिले के 1-1 स्कूल, मुरादाबाद के 9, अमरोहा के 6, बिजनौर के 3, संभल के 5, बरेली के 2, बदायूं के 5, शाहजहांपुर के 3, सीतापुर के 2, हरदोई के 14, लखनऊ के 15, उन्नाव के 2, रायबरेली के 5 स्कूलों पर ताला लटकने वाला है.
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इसके अलावा कानपुर नगर के 19, फर्रुखाबाद के 3, इटावा के 5, कन्नौज के 9, औरैया के 3, जालौन के 3, चित्रकूट के 2, प्रतापगढ़ के 10, फतेहपुर के 13, कौशाम्बी के 11, सुल्तानपुर के 8, अयोध्या के 8, बाराबंकी के 2, अंबेडकरनगर के 9, अमेठी के 2, बहराइच, हमीरपुर बांदा, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, चंदौली और भदोही जिले के 1-1 स्कूल बस्ती के 5, संतकबीर नगर के 12, गोरखपुर के 8, देवरिया के 5, कुशीनगर के 3, आजमगढ़ के 16, मऊ के वाराणसी के 4, मिर्जापुर के 6 और सोनभद्र के 15, बलिया के 10, जौनपुर के 10, गाजीपुर के 47 समेत कुल 265 स्कूल बंद होंगे.

