अजय सैनी , भिवानी। कर्नाटक में 5th National Physical Disability Elite Cricket Tournament का शुभारंभ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच हुआ। कर्नाटक स्टेट दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस टूर्नामेंट में देशभर की शीर्ष टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिससे खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का बड़ा मंच मिल रहा है।
उद्घाटन समारोह में कई दिग्गज रहे मौजूद
कार्यक्रम में Physical Challenged Cricket Association of India (PCCAI) के अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया, महासचिव रविकांत चौहान, पैरालंपिक चेयरमैन सत्यनारायण, कर्नाटक दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष हेमचंद्रा और सचिव संतोष गोवड़ा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
“दिव्यांग क्रिकेट में पीसीसीएआई बना मिसाल” – सुरेंद्र लोहिया
पीसीसीएआई अध्यक्ष सुरेंद्र लोहिया ने कहा कि महासचिव रविकांत चौहान खिलाड़ियों को केंद्र में रखकर उच्च स्तरीय सुविधाएं और राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट आयोजित करते हैं।
उन्होंने कहा कि दिव्यांग क्रिकेट के इतिहास में PCCAI द्वारा आयोजित प्रतियोगिताएं एक मिसाल बन चुकी हैं। उन्होंने संस्था के चेयरमैन घनश्याम सर्राफ, उपाध्यक्ष रमेश सैनी और पैटर्न धर्मेश शाह एवं संजय गोयल के योगदान की भी सराहना की।
पैरालंपिक स्तर तक पहुंचाने की तैयारी
पैरालंपिक चेयरमैन सत्यनारायण ने कहा कि पैरालंपिक कमेटी और Differently Abled Cricket Council of India (DCCI) मिलकर मिक्स डिसएबिलिटी क्रिकेट को एशियन पैरा गेम्स और पैरालंपिक गेम्स में शामिल कराने के लिए प्रयासरत हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में दिव्यांग क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
12-12 टीमों के दो ग्रुप में टूर्नामेंट
डीसीसीआई महासचिव रविकांत चौहान ने बताया कि इस बार प्रतियोगिता को और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए 24 टीमों की जगह 12-12 टीमों के दो अलग-अलग ग्रुप बनाए गए हैं—एलीट ग्रुप और प्लेट ग्रुप।
इसका उद्देश्य देश के बेहतरीन खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार करना है।

