महेंद्रगढ़। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के नारनौल में दो बड़े व्यापारियों के साथ करीब 9.30 लाख रुपये की धोखाधड़ी का एक अनोखा मामला सामने आया है। आरोप है कि चरखी दादरी, हिसार और भिवानी के कुछ चालाक कारोबारियों ने व्यापार के नाम पर पहले लाखों रुपये का माल मंगवाया और फिर उसका भुगतान करने से साफ मुकर गए।
इतना ही नहीं, इस जालसाजी में शामिल एक आरोपी ने तो हद ही पार कर दी। उसने सड़क दुर्घटना का झूठा बहाना बनाया और इलाज कराने के नाम पर भी पीड़ितों से हजारों रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए। अब नारनौल पुलिस ने पीड़ितों की लिखित शिकायत के आधार पर नए कानूनों के तहत धोखाधड़ी का केस दर्ज कर मामले की गहराई से जांच शुरू कर दी है।
दो कंपनियों को बनाया निशाना
पुलिस को दी गई शिकायत में नारनौल की ईश्वर कॉलोनी के रहने वाले वेदप्रकाश और उनकी पत्नी जयबाला ने पूरी आपबीती बताई है। वेदप्रकाश अपनी कंपनी वेदप्रकाश बायो एनर्जी ट्रेडिंग और उनकी पत्नी जयबाला जेबी बायो एनर्जी नाम की फर्म चलाती हैं। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2026 में चरखी दादरी के रहने वाले शंकर कुमार नाम के एक व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया था। उसने खुद को बड़ा व्यापारी बताते हुए अपनी कंपनी के सरकारी टैक्स के कागजात भी दिखाए। शुरुआत में भरोसा जीतने के लिए उसने 30000 रुपये एडवांस भी दे दिए।
बहाना बनाकर टालते रहे भुगतान
शिकायत के मुताबिक पूरा भरोसा होने के बाद पीड़ितों ने 9 अप्रैल को करीब 2.46 लाख रुपये का माल गाड़ी में लादकर चरखी दादरी भेज दिया। वहां आरोपियों ने माल तो उतार लिया, लेकिन जब पैसे मांगे गए तो उन्होंने कभी बैंक के सर्वर में खराबी तो कभी ऑनलाइन पेमेंट वाली मोबाइल एप्लीकेशन काम न करने का बहाना बनाना शुरू कर दिया। इसी बीच भिवानी के रहने वाले धर्मवीर सोनी, सोमवीर जैन और अमित सोनी ने भी माल की डिमांड की। आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ितों ने उन्हें भी करीब 1.98 लाख रुपये का सामान भेज दिया, लेकिन उसकी भी कीमत नहीं चुकाई गई। इसके बाद आरोपियों ने अलग-अलग बार में कुल मिलाकर करीब 9.30 लाख रुपये का माल हड़प लिया।
इलाज के नाम पर भी की ठगी
पीड़ित व्यापारी वेदप्रकाश ने बताया कि कुछ दिनों बाद सोमवीर नाम के एक आरोपी ने उन्हें फोन किया। उसने रोते हुए कहा कि उसका सड़क पर बहुत भयानक एक्सीडेंट हो गया है और घायल के इलाज के लिए तुरंत पैसों की जरूरत है। उसने फोन पर पैसे लेने वाले कुछ बारकोड भेजे। दया खाकर वेदप्रकाश ने उसके बताए खातों में करीब 35800 रुपये और भेज दिए। इसके बाद जब भी पैसों की मांग की जाती, आरोपी टालमटोल करते रहे और बाद में सभी ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए। जब पीड़ित उनके दिए पते पर पहुंचे तो वहां कोई कंपनी ही नहीं थी।
धमकी देने वाला गिरोह चला रहे आरोपी
पीड़तों का कहना है कि यह किसी एक इंसान का काम नहीं है, बल्कि इन लोगों ने मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया हुआ है जो सीधे-सादे व्यापारियों को अपना शिकार बनाता है। जब उन्होंने अपने पैसे वापस लेने के लिए कड़ा रुख अपनाया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी तक दे डाली। पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी पुलिस के बड़े अधिकारियों को आवेदन दिया था।
पुलिस खंगाल रही बैंक खातों की डिटेल
नारनौल शहर पुलिस ने 2 जुलाई को मिली इस शिकायत को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। अब आरोपियों के बताए गए ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। इसके साथ ही जिन बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं, उनकी पूरी डिटेल और दोनों कंपनियों के बीच हुए कागजी लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
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