चंडीगढ़: हरियाणा की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार अब आधुनिक तकनीक का सहारा ले रही है। अंबाला जेल में प्रयोग के तौर पर शुरू की गई ‘टावर हार्मोनिक्स कॉल ब्लॉकिंग प्रणाली’ के सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद इसे प्रदेश की दूसरी जेलों में भी लागू करने की तैयारी की जा रही है।

इस तकनीक के इस्तेमाल से जेल परिसर के भीतर अवैध मोबाइल फोन के जरिए होने वाली कॉल और इंटरनेट के इस्तेमाल पर प्रभावी रोक लगाने में सफलता मिली है। सरकार का मानना है कि जेलों में मोबाइल फोन के अवैध इस्तेमाल पर अंकुश लगाने के लिए केवल तलाशी लेकर मोबाइल बरामद करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना जरूरी है, जिससे जेल परिसर में इनका इस्तेमाल ही संभव न हो सके।

प्रदेश के सहकारिता, पर्यटन, कारागार एवं निर्वाचन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने कहा कि जेलों के भीतर अवैध मोबाइल फोन के इस्तेमाल को रोकना विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि जेल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए तकनीक का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है।

मंत्री के अनुसार, अंबाला जेल में शुरू की गई कॉल ब्लॉकिंग प्रणाली के परिणाम उत्साहजनक रहे हैं। इस व्यवस्था से जेल परिसर में अवैध रूप से मोबाइल फोन के जरिए कॉल करने और इंटरनेट चलाने की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। इसी सफलता को देखते हुए अब प्रदेश की अन्य जेलों में भी इस तकनीक को अपनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि जेलों की सुरक्षा के मामले में सरकार किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि अवैध मोबाइल फोन जेलों की सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन सकते हैं, इसलिए उनके इस्तेमाल की संभावना को खत्म करने के लिए आधुनिक तकनीकी उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।

सरकार की इस पहल से आने वाले समय में हरियाणा की जेलों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के साथ-साथ जेल परिसर से होने वाले अवैध संचार पर भी प्रभावी अंकुश लगने की उम्मीद है।

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