गांधीनगर: गुजरात विधानसभा के मानसून सत्र का पहला ही दिन भारी राजनीतिक गर्माहट और हंगामे के नाम रहा। सत्र के शुरुआत में ही परंपरा के अनुसार जब राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ बजाया गया, तब जमालपुर-खाड़िया से कांग्रेस विधायक इमरान खेड़ावाला अपनी सीट पर बैठे रहे।

‘वंदे मातरम’ के अपमान पर भाजपा आक्रामक

राष्ट्रीय गीत के सम्मान में खड़े न होने पर सत्ता पक्ष भाजपा ने कड़ी आपत्ति जताई। राज्य मंत्री प्रवीन माली ने इसे मातृभूमि का अपमान बताते हुए विधायक से माफी की मांग की। वहीं, भाजपा विधायक महेश कसवाला ने कहा कि लोकतंत्र के मंदिर में ऐसा कृत्य गुजरात की जनता का अपमान है। सत्ता पक्ष के विधायकों ने इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर सख्त कार्रवाई की मांग करने की बात कही है।

सदन के बाहर विपक्ष का अनूठा प्रदर्शन

सदन के भीतर जहां ‘वंदे मातरम’ का विवाद छाया रहा, वहीं बाहर विपक्ष ने महंगाई और किसानों के मुद्दों पर जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने सत्याग्रह छावनी में धरना दिया, तो वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता हाथों में सूखे और सड़े फसलों के नमूने तथा घास के पूले लेकर विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। हालांकि, पुलिस ने उन्हें परिसर के बाहर ही रोक लिया।

किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा

विपक्ष के तीखे तेवरों और किसानों के विरोध प्रदर्शन के बीच गुजरात सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया। सरकार ने कृषि कार्य के लिए बिजली आपूर्ति को रोजाना 8 घंटे से बढ़ाकर 10 घंटे करने की घोषणा की। बुवाई के इस महत्वपूर्ण समय में लिया गया यह फैसला राज्य के किसानों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

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