संसद के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन भी हंगामेदार रहा. संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने जानकारी देते हुए बताया कि, इस सत्र में कुल 10 बिल पास हुए और विपक्ष के हंगामे के चलते 19% काम हुआ. आज सत्र के आखिरी दिन राज्यसभा में नेताप्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के एक बयान पर भारी बवाल हो गया. खरगे ने आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड में मेरे स्टेज का शुद्धिकरण हुआ. बीजेपी के लोगों ने ऐसा किया. इस पर सदन के नेता जेपी नड्डा भड़क गए. उन्होंने कहा कि ये गंभीर विषय है. बीजेपी ऐसे कृत्य का समर्थन नहीं करती.
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल, उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में 8 अगस्त को हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने रैली की थी. इसके दो दिन बाद यानी 10 अगस्त को ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास संगठन’ से जुड़े लोगों ने उस मैदान और मंच पर गंगाजल छिड़ककर उसका शुद्धिकरण किया. साथ ही साथ वहां हवन भी किया.
बुधवार को राज्यसभा में खरगे ने इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा कि उन्होंने रैली में किसी धर्म या समाज का नाम नहीं लिया था, इसके बावजूद उनके भाषण के बाद बीजेपी से जुड़े लोगों ने हवन कर मंच का शुद्धिकरण किया. इस पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि बीजेपी ऐसे मामलों का समर्थन नहीं करती और इसकी जांच कराई जाएगी.
शुद्धिकरण को लेकर खरगे ने उठाया सवाल
खरगे ने कहा कि वह हल्द्वानी के रामलीला मैदान में सार्वजनिक सभा को संबोधित करने गए थे. वहां लाखों लोग मौजूद थे. उन्होंने कहा कि अपने भाषण के दौरान उन्होंने किसी समाज या धर्म का नाम नहीं लिया, बल्कि सरकार से जुड़े मुद्दों को उठाया था. खरगे के मुताबिक, उनके भाषण के बाद बीजेपी से जुड़े लोगों ने उसी मंच पर हवन कर उसका ‘शुद्धिकरण’ किया. खरगे ने सवाल उठाया कि क्या लोकतंत्र में इस तरह की कार्रवाई उचित है और क्या इसी तरह संविधान की रक्षा की जाएगी. उन्होंने कहा कि वह राज्यसभा में विपक्ष के नेता हैं और इस तरह की घटना उनके लिए गंभीर विषय है.
खरगे बोले- मैं इसे राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहता
खरगे ने जवाब देते हुए कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक मुद्दा नहीं बनाना चाहते. उन्होंने कहा, “मैं एक दलित हूं, लेकिन किसी के सामने गिड़गिड़ाया नहीं. लड़ता हूं.” खरगे ने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण कर उनका अपमान किया गया है. उन्होंने कहा कि वह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए अपनी आवाज उठाते रहेंगे. खरगे के अलावा कांग्रेस ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की. कांग्रेस के नेताओं ने कहा कि यह कहीं न कहीं ओछी मानसिकता और छुआछूत की भावना को दर्शाता है क्योंकि खरगे दलित समुदाय से आते हैं.
नड्डा बोले- बीजेपी ऐसे मामलों का समर्थन नहीं करती
खरगे के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह सभी के लिए दुखद और खेद का विषय है. उन्होंने स्पष्ट किया कि बीजेपी इस तरह के मामलों का समर्थन नहीं करती है. नड्डा ने कहा कि खरगे ने मामले की जांच कराने की बात कही है और पार्टी इसकी तहकीकात करेगी. नड्डा ने यह भी कहा कि जांच के बाद खरगे की ओर से बीजेपी पर सीधे आरोप लगाना उचित नहीं होगा. इस दौरान राज्यसभा में हंगामा भी जारी रहा.
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