देवघर।राजकीय श्रावणी मेला-2026 के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले लाखों श्रद्धालुओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। बुधवार को चलाए गए विशेष जांच अभियान में 42.5 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा नष्ट कराया गया, जबकि खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर तीन प्रतिष्ठानों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया गया।

उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया के निर्देश पर अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी सह अभिहित अधिकारी की निगरानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (MFTL) के जरिए पेड़ा दुकानों, होटलों और भोजनालयों में मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच की।

45 नमूनों की जांच, 3 मिले संदिग्ध

अभियान के दौरान गंगा साह पेड़ा भंडार, गणेश पेड़ा भंडार, बैद्यनाथ पेड़ा भंडार, महावीर पेड़ा भंडार, बाबा पेड़ा भंडार, मां अन्नपूर्णा भोजनालय, अजय भोजनालय और शिव होटल एंड रेस्टोरेंट समेत कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

कुल 45 पेड़ा नमूनों की जांच में 42 नमूने मानकों पर खरे उतरे, जबकि 3 नमूने संदिग्ध पाए गए। इसके बाद 42.5 किलोग्राम संदिग्ध पेड़ा को मौके पर ही नष्ट करा दिया गया।

तीन प्रतिष्ठानों पर तत्काल जुर्माना

निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर गंगा साह पेड़ा भंडार, श्री गंगा साह पेड़ा भंडार और शिव होटल एंड रेस्टोरेंट पर 2-2 हजार रुपये का ऑन-द-स्पॉट जुर्माना लगाया गया। साथ ही सभी खाद्य कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 का पालन करने और केवल मानक अनुरूप खाद्य सामग्री बेचने के निर्देश दिए गए।

मिलावट मिली तो लाइसेंस होगा रद्द

खाद्य सुरक्षा विभाग ने सभी पेड़ा विक्रेताओं को खोवा, पेड़ा और पनीर की हर खेप की आयोडीन टिंचर से जांच करने का निर्देश दिया है। यदि स्टार्च या किसी अन्य प्रकार की मिलावट की आशंका होती है, तो ऐसे उत्पादों की बिक्री नहीं करने को कहा गया है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में मिलावट या खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने सहित खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

श्रावणी मेले तक जारी रहेगा अभियान

खाद्य सुरक्षा विभाग ने बताया कि श्रावणी मेला समाप्त होने तक बाबा बैद्यनाथ मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।