लखनऊ. उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक और बड़ा विस्तार होने जा रहा है. योगी सरकार ने प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों के संचालन को मंजूरी दे दी है. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने गुरुवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इन विश्वविद्यालयों को संचालन प्राधिकार पत्र (अनुज्ञा पत्र) सौंपे. सरकार का दावा है कि इन नए विश्वविद्यालयों के शुरू होने से युवाओं को बेहतर शिक्षा, शोध और रोजगारपरक पाठ्यक्रमों के नए अवसर मिलेंगे.
तीन जिलों में शुरू होंगे नए विश्वविद्यालय
प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद अब गाजियाबाद, कानपुर नगर और फतेहपुर में नए निजी विश्वविद्यालय संचालित हो सकेंगे. इनमें गाजियाबाद का अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय, कानपुर नगर के बिल्हौर क्षेत्र का महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय और फतेहपुर का ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय शामिल हैं. उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों को विश्वविद्यालय संचालन के लिए आवश्यक प्राधिकार पत्र प्रदान किए.
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उच्च शिक्षा के हब के रूप में विकसित होगा यूपी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली प्रदेश सरकार लगातार उच्च शिक्षा के विस्तार और निजी निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है. सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में शामिल करना है. इन विश्वविद्यालयों के शुरू होने से स्थानीय छात्रों को अपने ही क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विकल्प मिलेंगे. इससे दूसरे शहरों या राज्यों में जाने की जरूरत भी कम होगी.
कृषि, तकनीकी और रोजगारपरक शिक्षा पर फोकस
महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय के माध्यम से कृषि शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. वहीं अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय तकनीकी और प्रबंधन शिक्षा के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध कराएगा. ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय के जरिए फतेहपुर और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी. सरकार का कहना है कि इन संस्थानों में आधुनिक पाठ्यक्रम, बेहतर प्रयोगशालाएं, शोध सुविधाएं और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों पर जोर दिया जाएगा.
निजी विश्वविद्यालय अधिनियम के तहत मिली मंजूरी
प्रदेश सरकार ने इन विश्वविद्यालयों को संचालन की अनुमति उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम, 2019 में किए गए संशोधन अध्यादेशों के तहत दी है. अजय कुमार गर्ग विश्वविद्यालय को तृतीय संशोधन अध्यादेश (संख्या-17, 2026), महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय को चतुर्थ संशोधन अध्यादेश (संख्या-18, 2026) और ठाकुर युगराज सिंह विश्वविद्यालय को पंचम संशोधन अध्यादेश (संख्या-19, 2026) के तहत मंजूरी दी गई है.
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शिक्षा की गुणवत्ता पर सरकार का जोर
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि नए विश्वविद्यालयों को सरकार द्वारा तय सभी मानकों और नियमों का पालन करना होगा. उन्होंने संस्थानों से गुणवत्तापूर्ण, मूल्य आधारित और रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराने की अपेक्षा जताई. उन्होंने कहा कि योगी सरकार निजी क्षेत्र के सहयोग से प्रदेश के उच्च शिक्षा ढांचे को मजबूत कर रही है. इससे युवाओं को आधुनिक शिक्षण संसाधन, बेहतर शोध सुविधाएं और वैश्विक स्तर की शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. सरकार का मानना है कि नए विश्वविद्यालयों की शुरुआत से न केवल शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.


