पटना। राजधानी में मेट्रो प्रोजेक्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रहे फर्जी बहाली रैकेट का पटना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बुधवार को मीठापुर स्थित एक फ्लैट में छापेमारी कर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। यहां तकनीकी अधिकारी और क्लर्क पदों के लिए इंटरव्यू के नाम पर बेरोजगार युवाओं से मोटी रकम वसूली जा रही थी।
ऑनलाइन वसूली होती थी रकम
जांच में सामने आया कि गिरोह पहले उम्मीदवारों से ऑनलाइन फॉर्म भरवाता था और इसके लिए 1,179 रुपये लेता था। इसके बाद 50 से 60 हजार रुपये लेकर मीठापुर के फ्लैट नंबर-401 में इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता था। अब तक अलग-अलग अभ्यर्थियों से करीब 8 लाख रुपये वसूले जाने की बात सामने आई है। गैंग के सदस्य विभिन्न जिलों से युवाओं को पटना लाने का काम करते थे।
तीन आरोपी अरेस्ट, मास्टरमाइंड फरार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने वहां इंटरव्यू चलता हुआ पाया और प्रवेश पत्र सहित कई दस्तावेज जब्त किए। मौके से सुपौल के अखिलेश चौधरी, नवादा के दिनेश साव और सहरसा के नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इंटरव्यू के बाद नौकरी दिलाने के लिए 10 लाख रुपये में सौदा तय किया जाता था। एएसपी सदर-1 के अनुसार पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड दानापुर निवासी अखिलेश यादव है जो फिलहाल फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि गिरोह में अन्य लोग भी शामिल है इसलिए आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। इस मामले में जक्कनपुर थाने में केस दर्ज किया गया है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें


