भारत में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सर्विस शुरू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के आवंटन को लेकर TRAI की सिफारिशों को सचिवों के समूह ने मंजूरी दे दी है। इससे Starlink, OneWeb और Reliance Jio जैसी कंपनियों के लिए भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा शुरू करने का रास्ता और आसान हो सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लागू करने से पहले केंद्रीय कैबिनेट की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी।

5 साल के लिए मिलेगा सैटेलाइट स्पेक्ट्रम

जानकारी के मुताबिक, सरकार कंपनियों को 5 साल की अवधि के लिए सैटेलाइट स्पेक्ट्रम आवंटित करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनियों को अपने Adjusted Gross Revenue (AGR) का 5 प्रतिशत Spectrum Usage Charge (SUC) के रूप में देना होगा।

TRAI ने पिछले साल सैटेलाइट स्पेक्ट्रम के आवंटन को लेकर अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपी थीं। अब सचिवों के समूह की मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव के अगले चरण में पहुंचने की उम्मीद है।

ग्रामीण इलाकों में कम होगा Spectrum Usage Charge

सरकार की प्रस्तावित व्यवस्था में ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में सैटेलाइट ब्रॉडबैंड सेवा देने वाली कंपनियों को राहत मिल सकती है। ऐसे क्षेत्रों में सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए Spectrum Usage Charge को कम रखने का प्रावधान किया गया है।

इसका उद्देश्य देश के उन हिस्सों तक तेज इंटरनेट पहुंचाना है, जहां पारंपरिक मोबाइल नेटवर्क या फाइबर कनेक्टिविटी पहुंचाना मुश्किल है।

Starlink, OneWeb और Jio को मिलेगा फायदा

स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया स्पष्ट होने से Starlink, OneWeb और Reliance Jio समेत सैटेलाइट इंटरनेट क्षेत्र में उतरने वाली कंपनियों को फायदा मिल सकता है। कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्पेक्ट्रम आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिससे भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत का रास्ता खुल सकता है।

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