रोहित कश्यप, मुंगेली। प्रदेश के राजनीतिक और प्रशासनिक रूप से अत्यंत संवेदनशील जिलों में शामिल मुंगेली में पुलिस बल की कमी लगातार गंभीर होती जा रही है। जिले में वीआईपी और वीवीआईपी दौरों की अधिकता के कारण पुलिस पहले से ही दबाव में है, वहीं स्वीकृत पदों के मुकाबले आधा बल ही जमीनी स्तर पर उपलब्ध है। जिले में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के 5 स्वीकृत पद हैं, लेकिन वर्तमान में तीन की ही पोस्टिंग है। इनमें एक डीएसपी मेटरनिटी लीव पर हैं। एक हाल ही में प्रमोट होकर ट्रांसफर हुए हैं। ऐसे में केवल एक डीएसपी ही काम पर है। इससे प्रशासनिक नियंत्रण और पर्यवेक्षण दोनों ही प्रभावित हो रहे हैं।


निरीक्षक (टीआई) स्तर पर भी स्थिति चिंताजनक
स्वीकृत निरीक्षक: 12
पदस्थ: 6
रिक्त: 6
जिले के आधे थानों और इकाइयों में स्थायी निरीक्षक का अभाव है, जिससे थाना संचालन और अपराध विवेचना प्रभावित हो रही हो, इससे इंकार कैसे किया जा सकता है.
उप निरीक्षक स्तर पर हालात और खराब
स्वीकृत उप निरीक्षक: 30
पदस्थ: 15
रिक्त: 15
इसके अलावा सहायक उप निरीक्षक के 45 स्वीकृत पदों में से केवल 36 ही पदस्थ हैं, जबकि 9 पद रिक्त हैं।
आरक्षक स्तर पर भी बड़ा अंतर
स्वीकृत आरक्षक: 442
पदस्थ: 390
रिक्त: 52, कुल मिलाकर जिले में फील्ड ड्यूटी के लिए बल भी कम पड़ रहा है।
राजनैतिक दृष्टि से वीआईपी जिला
मुंगेली जिले का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है, क्योंकि लोरमी विधायक अरुण साव राज्य के मंत्री और उपमुख्यमंत्री हैं। वहीं केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी इसी जिले से आते हैं। ऐसे में वीआईपी दौरे लगातार होते रहते हैं। इन दौरों के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल वीआईपी सुरक्षा में तैनात हो जाता है, जिससे थानों और ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिसिंग प्रभावित होती है।
आईजी ने कहा – कमियों को जल्द दूर करेंगे
हाल ही में मुंगेली दौरे पर पहुंचे बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग से जब पत्रकारों ने जिले में पुलिस अधिकारी, कर्मचारियों और संसाधनों की कमी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने रिक्त पदों की पूर्ति और संसाधन बढ़ाने को लेकर आश्वासन दिया था. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जल्द ही स्वीकृत पदों के अनुसार तैनाती नहीं की गई तो आगामी राजनीतिक गतिविधियों, चुनावी माहौल और वीआईपी मूवमेंट के बीच कानून-व्यवस्था संभालना और भी चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें


