उत्तराकाशी. चारधाम यात्रा 2026 (Chardham Yatra 2026) की शुरुआत कल से होने वाली है. कल से गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट भक्तों के लिए खोल दिए जाएंगे. इससे पहले मां गंगा की भोग मूर्ति विग्रह डोली शनिवार दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है. इस विशेष अवसर के लिए जनपद के विभिन्न क्षेत्रों और देश के विभिन्न प्रदेशों से श्रद्धालु मुखबा पहुंचे.

गंगा जी की भोग मूर्ति, विग्रह डोली में शनिवार दोपहर 12 बजकर 15 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में आर्मी बैंड और ढोल दमाऊं की अगुवाई और मुखबा धराली के समेश्वर देवता की देवडोली के साथ गंगोत्री धाम के लिए रवाना हो गई है. तीर्थ पुरोहितों और श्रद्धालुओं के साथ गंगा की डोली मुखबा-जांगला के 7 किमी के जोखिम भरे मार्ग से होते हुए उसके बाद रात्रि विश्राम के लिए भैरों घाटी पहुंचेगी.

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बता दें कि चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) को व्यवस्थित बनाने के लिए शासन स्तर पर सारी तैयारियां की जा रही है. बीते दिनों आवास विभाग के सचिव डॉ. आर राजेश कुमार ने जनपद चमोली के गौचर, कर्णप्रयाग और चमोली में निर्माणाधीन और प्रस्तावित पार्किंग परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया था. निरीक्षण के दौरान सचिव ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की और सभी परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुरूप चारधाम यात्रा के दौरान तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है.

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अवगत कराया कि गौचर में पार्किंग का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है. इस पार्किंग की क्षमता 27 वाहनों की है और इसका निर्माण उत्तराखण्ड पेयजल एवं निर्माण निगम द्वारा कराया गया है. आवास सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पार्किंग को जल्द से जल्द संचालन के लिए तैयार किया जाए ताकि स्थानीय लोगों और यात्रियों को इसका लाभ मिल सके. उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा के दौरान ऐसे छोटे लेकिन महत्वपूर्ण पार्किंग स्थल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं.