Congress React On PM Modi Address to Nation: लोकसभा में महिला आरक्षण बिल गिरने के एक दिन बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने देश की जनता को संबोधित किया। देशवासियों के नाम संबोधन में PM Modi ने जहां एक तरफ महिलाओं से महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो पाने पर माफी मांगी, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए उसे नारी के सपनों को कुचलने का जिम्मेदार भी ठहराया।अब महिला आरक्षण को लेकर पीएम मोदी के संबोधन पर कांग्रेस ने जमकर हमला बोला है। कांग्रेस ने पीएम मोदी के भाषण को पक्षपातपूर्ण और ड्रामेबाजी करार दिया है। मल्लिकार्जुन खरगे (Mallikarjun Kharge) और जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि पीएम मोदी ने 59 बार कांग्रेस का नाम लिया, लेकिन महिलाओं को भूल गए। यही बीजेपी की असली सच्चाई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा विपक्ष को महिला-विरोधी करार दिए जाने पर कई नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने राष्ट्र के नाम संबोधन को पक्षपातपूर्ण बताया। वहीं मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री के संबोधन को हताश और निराशा वाला करार दिया।

कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- किसी भी मौजूदा प्रधानमंत्री का देश के नाम संबोधन उस ऑफिस की गरिमा से जुड़ा होता है। इसका मकसद बिना किसी भेदभाव के देश के इरादे और भरोसे को मजबूत करना होता है। लेकिन आज का बहुत निराशाजनक और पूरी तरह से एकतरफ़ा भाषण—जो देश के नाम संबोधन से ज़्यादा “निराशा से भरा संबोधन” था—एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में ज़्यादा सही होता। फिर भी, कल रात लोकसभा में मिली करारी हार से परेशान प्रधानमंत्री में अभी भी मीडिया का सामना करने की हिम्मत नहीं है।

जयराम रमेश ने आगे लिखा कि- प्रधानमंत्री ने लोकसभा में अपना संविधान संशोधन बिल पास न कर पाने के लिए माफ़ी मांगी है। लेकिन असल में, उन्हें महिलाओं के नाम की आड़ में डिलिमिटेशन के एक चालाक प्रस्ताव को ज़बरदस्ती पास करने की अपनी बेशर्म और धोखेबाज़ कोशिशों के लिए माफ़ी मांगनी चाहिए थी। इस पूरे मामले में, उनके इरादे साफ़ नहीं हैं—वे साफ़ तौर पर गलत हैं। अगर कोई उनके इरादे समझना चाहता है, तो यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023’, जिसे सितंबर 2023 में बिना किसी सहमति के पास किया गया था, उसे 30 महीने की देरी के बाद 16 अप्रैल, 2026 को ही नोटिफाई क्यों किया गया। उनके जीवन भर के व्यवहार को देखते हुए, महिलाओं के सम्मान की उनकी बातें पूरी तरह से दोगली लगती हैं।

प्रधानमंत्री ने कल लोकसभा में जो करने की कोशिश की, वह हमारे लोकतंत्र और फेडरल स्ट्रक्चर को कमजोर करना था। यह वही खतरा था जिसका अंदाजा तब भी लगाया गया था जब उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ‘400 पार’ का नारा लगाया था। संविधान बनाने वालों की विरासत का हवाला देना उनके दोगलेपन को और भी साफ करता है।

महिला आरक्षण बिल पेश करने की चुनौती थी

अपने भाषण के आखिर में प्रधानमंत्री ने कहा कि महिला रिज़र्वेशन के लिए ‘सही समय का इंतज़ार’ करने की ज़रूरत है। लेकिन महिलाओं को उनके अधिकार देने के लिए किसी शुभ मुहूर्त की ज़रूरत नहीं है। इंडियन नेशनल कांग्रेस प्रधानमंत्री को चुनौती देती है कि वे मौजूदा ढांचे के तहत महिला रिज़र्वेशन को लागू करने के लिए कल ही पार्लियामेंट में बिल पेश करें।

PM मोदी ने ऑफिशियल मशीनरी का गलत इस्तेमाल किया: खरगे

वहीं कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर लिखा- एक हताश और निराश PM @narendramodi जिनके पास पिछले 12 सालों से दिखाने के लिए कुछ भी काम का नहीं था, उन्होंने देश के नाम एक ऑफिशियल भाषण को एक पॉलिटिकल भाषण में बदल दिया, जो कीचड़ उछालने और सरासर झूठ से भरा था। मॉडल कोड ऑफ़ कंडक्ट पहले से ही लागू है और यह बहुत साफ़ था कि PM मोदी ने अपने विरोधियों पर हमला करने के लिए ऑफिशियल मशीनरी का कैसे गलत इस्तेमाल किया। यह डेमोक्रेसी और भारत के संविधान का मज़ाक है। मोदी जी ने कांग्रेस का ज़िक्र 59 बार किया और महिलाओं का मुश्किल से कुछ ही बार। इससे देश को उनकी प्रायोरिटी के बारे में सब कुछ पता चलता है। महिलाएं BJP की प्रायोरिटी नहीं हैं। कांग्रेस है, क्योंकि कांग्रेस इतिहास के सही पक्ष में खड़ी है।

कांग्रेस ने हमेशा महिला रिज़र्वेशन का सपोर्ट किया है

कांग्रेस ने हमेशा महिला रिज़र्वेशन का सपोर्ट किया है। हम ही वह पार्टी थे जिसने 2010 में राज्यसभा में महिला रिज़र्वेशन बिल पास किया था ताकि वह लैप्स न हो। BJP उस बिल को लोकसभा में पास नहीं करवा सकी। वे 2023 में एक और बिल लाए और कांग्रेस पार्टी ने उसका भी सपोर्ट किया। वह बिल अभी भी मौजूद है। असल में, इसे 16 अप्रैल को नोटिफ़ाई किया गया था, जब लोकसभा इन डिलिमिटेशन कॉन्स्टिट्यूशनल अमेंडमेंट बिल पर चर्चा कर रही थी। यह उसी प्रधानमंत्री ने किया था। यह बात कि BJP को अपने ही बिल को नोटिफ़ाई करने में 3 साल लग गए, यह भारत की नारी शक्ति के प्रति उनके कमिटमेंट को दिखाता है!

क्या बोलीं महुआ मोइत्रा?

इसके अलावा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी प्रधानमंत्री के राष्ट्र के नाम संबोधन पर हमला करते हुए इसे ड्रामाबाजी करार दिया। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कह कहा, ‘आपका ड्रामा और गोदी मीडिया की स्क्रिप्ट सच्चाई को नहीं छुपा पाएगी। महिलाओं के लिए आरक्षण 2023 में ही पारित हो चुका है और दो दिन पहले अधिसूचित भी हो चुका है। आपको इसे अभी लागू करने और टीएमसी की तरह 543 सीटों में से एक तिहाई सीटें महिलाओं को देने से कोई नहीं रोक सकता।

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