जुबैर अंसारी, सुपौल। जिले में एक बार फिर एसएसबी जवान को मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। दरअसल 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, वीरपुर के द्वारा सीमा क्षेत्र में गैरकानूनी गतिविधियों की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सीमा चौकी शैलेशपुर के चेक पोस्ट पर ड्यूटी के दौरान आने-जाने वाले व्यक्तियों की सघन जांच की जा रही थी।

पूछताछ के दौरान हुआ खुलासा

इसी क्रम में एक व्यक्ति के साथ दो नाबालिग लड़कियों को रोककर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान व्यक्ति ने अपना नाम बशीर अहमद दोइए, ग्राम- अनंतनाग, जिला-पहलगाम, जम्मू-कश्मीर बताया। जांच में एक बालिका द्वारा गलत जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया गया। सख्ती से पूछताछ के दौरान मालूम हुआ कि उसकी वास्तविक उम्र लगभग 15 वर्ष है। दूसरी बालिका को उसकी बहन बताया गया, पर कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया जा सका।

कश्मीर जाने की थी तैयारी

आरोपी द्वारा यह भी बताया गया कि उसने लगभग 2 वर्ष पूर्व एक बालिका से विवाह किया है तथा दोनों को अपने साथ कश्मीर ले जा रहा है। लेकिन उसके द्वारा विवाह संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। मामला संदिग्ध प्रतीत होने तथा पूर्व में इस प्रकार के मामलों की पुनरावृत्ति को देखते हुए दोनों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना की सूचना उच्च अधिकारियों को देने के साथ-साथ स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भी दी गई।

जिसके बाद NGO सर्वो प्रयास संस्थान (मधुबनी) एवं NGO COCON (नेपाल) की उपस्थिति में आवश्यक दस्तावेज तैयार किए गए और समस्त कार्रवाई के दौरान माननीय सर्वोच्च न्यायालय और मानवाधिकार आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन किया गया।

भीमनगर थाने में सुपुर्द हुए आरोपी और दोनों नाबालिग

इस तरह दोनों नाबालिग बालिकाओं एवं आरोपी व्यक्ति को आगे की कार्रवाई हेतु थाना भीमनगर को विधिवत सुपुर्द कर दिया गया। इस अभियान में सहायक उप निरीक्षक सामान्य नंदलाल, मानव तस्करी विरोधी इकाई की उप निरीक्षकसामान्य भावना एवं अन्य कार्मिक उपस्थित रहे।

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