पटियाला: पंजाब के समाना (पटियाला) में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून की मांग को लेकर करीब 18 महीने से चल रहा अनोखा प्रदर्शन आखिरकार शुक्रवार को खत्म हो गया। प्रदर्शनकारी गुरजीत सिंह खालसा को सुबह सुरक्षित रूप से टेलीकॉम टावर से नीचे उतार लिया गया। वे लगभग 400 फीट ऊंचे टावर पर बैठकर विरोध जता रहे थे।

बताया जा रहा है कि गुरजीत सिंह खालसा ने 12 अक्टूबर 2024 को टावर पर चढ़कर अपना प्रदर्शन शुरू किया था और तब से लगातार वहीं डटे हुए थे। इस दौरान प्रशासन ने कई बार उन्हें नीचे उतरने के लिए मनाने की कोशिश की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग रहे।

‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ और ‘सिख जयकारा’ के नारों के बीच नीचे उतरे

करीब 560 दिनों तक टावर पर रहने के बाद शुक्रवार को वे ‘जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल’ और ‘सिख जयकारा’ के नारों के बीच नीचे उतरे। प्रशासन ने उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। नीचे उतरते ही उन्हें मेडिकल जांच के लिए अस्पताल भेजा गया, जबकि समर्थकों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।

दरअसल, पंजाब सरकार द्वारा ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026’ लागू किए जाने के बाद खालसा ने अपना प्रदर्शन समाप्त करने का फैसला लिया। इस कानून में बेअदबी के मामलों के लिए आजीवन कारावास और 25 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। यह विधेयक 13 अप्रैल को विधानसभा के विशेष सत्र में सर्वसम्मति से पारित हुआ था और बाद में राज्यपाल की मंजूरी के बाद अधिसूचित किया गया।

गुरजीत सिंह खालसा ने नीचे उतरने के बाद सरकार और प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगत की मांग को ध्यान में रखते हुए सरकार ने सख्त कानून बनाया, जिससे वे संतुष्ट हैं। करीब 18 महीने 12 दिन बाद सुरक्षित नीचे उतरते हुए उन्होंने ‘वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतेह’ कहकर सभी का धन्यवाद किया और इसे गुरु की कृपा बताया।