चंडीगढ़: पंजाब के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों की गैर-हाजिरी पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। राज्य के शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने ‘मिशन समर्थ-4’ की शुरुआत करते हुए नई डिजिटल अटेंडेंस व्यवस्था लागू की है, जिसके तहत हर छात्र की उपस्थिति अब ऑनलाइन दर्ज और मॉनिटर की जाएगी।

सरकार के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करना है। नई प्रणाली में स्कूलों को डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम से जोड़ा गया है, जिससे छात्रों की रोजाना उपस्थिति का डेटा तुरंत उपलब्ध रहेगा।

नई गाइडलाइन के मुताबिक, यदि कोई छात्र लगातार तीन दिन तक स्कूल नहीं आता है तो स्कूल प्रशासन सबसे पहले अभिभावकों से संपर्क करेगा। अगर इसके बाद भी छात्र की अनुपस्थिति जारी रहती है और यह पांच दिन तक पहुंच जाती है, तो मामला जिला स्तर पर निगरानी में आ जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे उच्च स्तर तक भी ले जाया जाएगा।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि पहले कई बार छात्रों की लंबी अनुपस्थिति की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती थी, लेकिन अब रियल-टाइम डेटा के जरिए इस पर तुरंत कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने कहा कि इस सिस्टम से ऐसे बच्चों की पहचान करना आसान होगा, जो बीच में पढ़ाई छोड़ देते हैं, और उन्हें दोबारा स्कूल से जोड़ा जा सकेगा।

सरकार का मानना है कि शिक्षा में सुधार केवल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने से नहीं, बल्कि छात्रों की नियमित उपस्थिति से आता है। इसी सोच के साथ ‘मिशन समर्थ-4’ के चौथे चरण में अब फोकस इस बात पर रखा गया है कि हर बच्चा रोज स्कूल पहुंचे और पढ़ाई में निरंतरता बनी रहे।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद लंबे समय तक स्कूल से दूर रहने वाले छात्रों की समस्या पर काफी हद तक काबू पाया जा सकेगा। साथ ही अभिभावकों की जिम्मेदारी भी बढ़ेगी, क्योंकि उन्हें तुरंत जानकारी मिल जाएगी कि उनका बच्चा स्कूल पहुंच रहा है या नहीं।