वेस्ट एशिया की जंग में भले ही हमले रुके हुए हैं, लेकिन तनाव बरकरार है. शांति की कोशिश में हो रही सारी बातचीत लंबी खिंचती जा रही हैं. अमेरिका और ईरान के बीच अभी भी कोई बात नहीं बन पाई है. इस बीच, ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ संघर्ष के बीच नए खतरनाक हथियार के इस्तेमाल की चेतावनी दी है। ईरानी नौसेना प्रमुख शहराम ईरानी ने दावा किया कि यह हथियार दुश्मनों के बेहद करीब है और इससे वे घबरा सकते है जिससे कि कहीं उन्हे हार्ट अटैक न आ जाए.

डोनाल्ड ट्रंप की ओर से तेहरान के दिए नए प्रपोजल को खारिज किए जाने से, तनाव और बढ़ गया है. इसी माहौल में ईरान की सेना ने नया दवा करके चौंका दिया है.

पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़ते नजर आ रहे हैं।  ईरान ने अमेरिका और इस्राइल के खिलाफ जारी संघर्ष के बीच एक नए और डर पैदा करने वाले हथियार के इस्तेमाल की खुली चेतावनी दी है। आर्मी ने कहा है कि वह जल्द ही नए ‘वेपन’ के बारे में बताएगी, जिससे उसके दुश्मन भीतर तक हिल जाएंगे.

वेस्ट एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिससे बातचीत लंबी खिंच रही है. ईरान की सेना ने जल्द ही नए हथियारों की घोषणा करने की बात कही है, जो दुश्मनों के लिए खतरा साबित होंगे.

ईरान की नौसेना के कमांडर शहराम ईरानी ने कहा कि इस्लामिक गणराज्य बहुत जल्द अपने दुश्मनों को ऐसे हथियार से सामना कराएगा, जो ‘उनके बिल्कुल करीब’ मौजूद है. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ‘मुझे उम्मीद है कि उन्हें हार्ट अटैक नहीं आएगा.’

नौसेना कमांडर के मुताबिक, 28 फरवरी से संघर्ष तेज होने के बाद ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर कम से कम 100 जवाबी हमले किए हैं. उनका दावा है कि ये हमले पश्चिम एशिया के एक बड़े क्षेत्र में फैले “संवेदनशील” ठिकानों पर किए गए.

उन्होंने चेतावनी दी, ‘अगर अमेरिका अपनी जिद को जारी रखता है और ईरान की शर्तों को खारिज करता है, तो दुश्मन को जल्द ही एक अलग तरह की प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा.’ शहराम ईरानी ने अमेरिका पर यह भी आरोप लगाया कि संघर्ष के दौरान उसने अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है, जिसमें अतिरिक्त युद्धपोत और मिसाइल प्लेटफॉर्म तैनात किए गए हैं.

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के बदले अमेरिकी नाकेबंदी हटाने की बात कही गई थी। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत को भी टालने का सुझाव शामिल था, जिसे अमेरिका ने सिरे से खारिज कर दिया।

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