दिल्ली सरकार ने शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों की सैलरी बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। सरकार के इस फैसले के तहत अब इन शिक्षकों का मासिक वेतन ₹21,000 से बढ़ाकर ₹35,420 कर दिया गया है। यानी हर महीने ₹14,000 से अधिक की सीधी बढ़ोतरी होगी, जिससे बड़ी संख्या में शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलेगी। हालांकि, यह लाभ सभी शिक्षकों को नहीं मिलेगा। यह वेतन वृद्धि केवल उन शिक्षकों के लिए लागू होगी, जो समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत संचालित 784 विशेष केंद्रों में कार्यरत हैं। ये शिक्षक स्कूल न जाने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का काम करते हैं।

कैबिनेट बैठक में शिक्षकों के हित में बड़ा निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि राजधानी में कार्यरत वोकेशनल और समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े शिक्षकों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार, दिल्ली में करीब 1,131 वोकेशनल शिक्षक विभिन्न ट्रेड और कौशल आधारित विषयों की ट्रेनिंग देते हैं। इन शिक्षकों का वेतन अब बढ़ाकर ₹38,100 प्रति माह कर दिया गया है। इससे पहले इन्हें ₹20,000 से ₹23,000 के बीच मानदेय मिलता था। इस फैसले से वोकेशनल शिक्षकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा और उनके काम के प्रति प्रोत्साहन भी बढ़ेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों को प्राइमरी और अपर प्राइमरी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय सिर्फ वेतन वृद्धि नहीं, बल्कि उन शिक्षकों के समर्पण और मेहनत का सम्मान है, जो कठिन परिस्थितियों में बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। सरकार के अनुसार, इस फैसले से न केवल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनका मनोबल भी बढ़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शिक्षक संतुष्ट और प्रेरित होंगे, तभी वे बच्चों को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा दे पाएंगे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि राजधानी का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। समग्र शिक्षा अभियान के तहत संचालित विशेष प्रशिक्षण केंद्र उन बच्चों के लिए उम्मीद की किरण हैं, जो कभी स्कूल नहीं गए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। ऐसे बच्चों को फिर से मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। इन केंद्रों में कार्यरत शिक्षक बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं और बच्चों के भविष्य को संवारने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उनके वेतन में बढ़ोतरी का निर्णय लिया है, ताकि उन्हें उचित सम्मान और प्रोत्साहन मिल सके।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है कि राजधानी का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि नियमित मॉनिटरिंग, अभिभावकों की काउंसलिंग और विभिन्न विभागों के साथ बेहतर समन्वय के जरिए हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने का काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ बच्चों को स्कूल में दाखिला दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना और उनका भविष्य सुरक्षित करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि विशेष प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से उन बच्चों को नई दिशा दी जा रही है, जो कभी स्कूल नहीं गए या बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। शिक्षकों के वेतन में की गई यह बढ़ोतरी उसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसका मकसद शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और शिक्षकों का मनोबल बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब शिक्षक संतुष्ट और प्रेरित होंगे, तभी वे बच्चों को बेहतर शिक्षा दे पाएंगे।

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