मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल (Indira Gandhi Hospital) परिसर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल बनाने की योजना को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत 805.99 करोड़ रुपये है। इसे हाल ही में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में स्वीकृति दी गई।

सरकार का कहना है कि इस मेडिकल कॉलेज के बनने से दिल्ली में मेडिकल शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा। साथ ही अस्पताल और कॉलेज के एकीकृत मॉडल से मरीजों को भी बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। इस परियोजना को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ छात्रों के लिए आवासीय व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।

NMC के मानकों के अनुरूप होगा

इस परियोजना के तहत मेडिकल कॉलेज के साथ-साथ छात्रों और छात्राओं के लिए अलग-अलग हॉस्टल, फैकल्टी आवास और एक अत्याधुनिक अकादमिक ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा। सरकार का कहना है कि यह ढांचा मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करेगा। परियोजना को NMC के मानकों के अनुसार विकसित किया जा रहा है। इसके तहत हर वर्ष 250 एमबीबीएस सीटों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकारी योजना के अनुसार, शुरुआती चरण में 150 छात्रों के साथ शिक्षण कार्य शुरू किया जाएगा और धीरे-धीरे इसे पूर्ण क्षमता तक विस्तारित किया जाएगा।

कई चरणों में पूरा किया जाएगा

मुख्यमंत्री के अनुसार, पहले चरण में अकादमिक ब्लॉक, छात्रों के हॉस्टल और फैकल्टी के आवास का निर्माण किया जाएगा। इस चरण में लगभग 1,17,246 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रस्तावित है, जिसमें करीब 34,000 वर्गमीटर का बेसमेंट भी शामिल होगा। इस बेसमेंट का उपयोग मुख्य रूप से पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं के लिए किया जाएगा। अकादमिक ब्लॉक को बहुमंजिला संरचना के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसमें आधुनिक क्लासरूम, प्रयोगशालाएं (लैब्स) और शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। छात्रों के लिए बड़े हॉस्टल बनाए जाएंगे, जबकि शिक्षकों के लिए भी आधुनिक और सुविधाजनक आवासीय व्यवस्था की जाएगी। इस पूरे निर्माण कार्य की जिम्मेदारी PWD को दी गई है, जबकि परियोजना की निगरानी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग करेगा।

आधुनिक सुविधाएं लगाई जाएंगी

सरकार के अनुसार, इस परियोजना में भूकंप-रोधी निर्माण तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि भवन किसी भी प्राकृतिक आपदा में सुरक्षित रह सके। इसके साथ ही ऊर्जा की बचत करने वाले डिज़ाइन को प्राथमिकता दी जाएगी। यह पूरा परिसर ग्रीन बिल्डिंग मानकों के तहत बनाया जाएगा, जिसमें कई पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं शामिल होंगी सोलर पावर सिस्टम ,रेन वाटर हार्वेस्टिंग ,वॉटर रीसाइक्लिंग व्यवस्था ,प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन का बेहतर उपयोग ।

दिव्यांगजन के लिए पूरी तरह अनुकूल

परिसर को पूरी तरह दिव्यांगजन-अनुकूल(accessible) बनाने की योजना है। इसमें रैंप, लिफ्ट, ब्रेल संकेत और व्हीलचेयर के लिए सुगम रास्ते उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि हर व्यक्ति आसानी से सुविधाओं का उपयोग कर सके। परियोजना में आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था भी शामिल होगी, जिसमें फायर सेफ्टी सिस्टम, फायर अलार्म और सीसीटीवी निगरानी जैसी सुविधाएं लगाई जाएंगी।

क्वॉलिटी एश्योरेंस की व्यवस्था की जाएगी

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना में क्वॉलिटी एश्योरेंस व्यवस्था लागू की जाएगी और काम की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने यह भी साफ किया कि किसी भी स्थिति में लागत में वृद्धि या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार के अनुसार, सभी प्रक्रियाएं निर्धारित वित्तीय और प्रशासनिक नियमों के तहत पूरी तरह पारदर्शी तरीके से संपन्न होंगी, ताकि किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज के संचालन से जुड़े अगले चरण की तैयारी भी की जाएगी। इसमें आवश्यक उपकरणों की खरीद, स्टाफ की नियुक्ति, विश्वविद्यालय से संबद्धता और अन्य शैक्षणिक व प्रशासनिक व्यवस्थाएं शामिल होंगी।

मुख्यमंत्री ने दूरदर्शी पहल बताया

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि दिल्ली  में विकसित किया जा रहा द्वारका मेडिकल कॉलेज केवल एक शैक्षणिक संस्थान नहीं है, बल्कि राजधानी के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। इंदिरा गांधी अस्पताल परिसर में बन रहे इस मेडिकल कॉलेज को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर नागरिक को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिलें, और इसके लिए डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस संस्थान के शुरू होने से न केवल दिल्ली, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे क्षेत्रीय स्वास्थ्य सेवाओं पर सकारात्मक असर पड़ेगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यह मेडिकल कॉलेज भविष्य में कुशल और प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और क्षमता दोनों में सुधार होगा।

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