दिल्ली सरकार राजधानी में बढ़ती आग की घटनाओं को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। हाल ही में हुए विवेक विहार अग्निकांड के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (Rekha Gupta) ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अगले 10 दिनों के भीतर आग की घटनाओं से जुड़ा विस्तृत ब्लू प्रिंट तैयार कर उनके सामने पेश करें। इस रिपोर्ट में आग लगने के प्रमुख कारण, ज्यादा जोखिम वाले इलाके, मौजूदा सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमियां और ठोस निवारक उपाय शामिल करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आग से बचाव के लिए सिर्फ व्यवस्था मजबूत करना ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी बेहद जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आशीष सूद, मुख्य सचिव राजीव वर्मा समेत अग्निशमन विभाग, दिल्ली नगर निगम, DDMA, बिजली विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में राजधानी में आग की घटनाओं की मौजूदा स्थिति, प्रमुख चुनौतियों और उनके स्थायी समाधान को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों, अवैध निर्माण, बिजली के ओवरलोड और फायर सेफ्टी नियमों के पालन से जुड़ी समस्याओं पर भी प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने और जल्द से जल्द फायर फाइटिंग मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।
लापरवाही या ढिलाई बरतने वालों पर होगा एक्शन
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आग की घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी संबंधित विभागों को हर स्तर पर सशक्त, जवाबदेह और सक्रिय बनाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है। सीएम ने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई के लिए अब कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने हाल के दिनों में राजधानी में हुई आग की घटनाओं पर गहरा दुख और चिंता जताई और अधिकारियों को साफ चेतावनी दी कि यदि किसी स्तर पर कोताही पाई गई तो जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आग की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासनिक सतर्कता, बेहतर समन्वय और समय पर कार्रवाई बेहद जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को फायर सेफ्टी नियमों के सख्ती से पालन, संवेदनशील इलाकों की नियमित जांच और आपातकालीन तैयारियों को मजबूत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने विभाग को स्टाफ बढ़ाने, नए फायर स्टेशन खोलने और आधुनिक उपकरणों की खरीद सुनिश्चित करने को कहा है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि सरकार फायर सेफ्टी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बजट देने में कोई कमी नहीं करेगी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तेजी से बढ़ती आबादी और घनी बस्तियों को देखते हुए राजधानी की अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक और अधिक प्रभावी बनाना बेहद जरूरी है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि पूर्व में हुई आग की घटनाओं का विस्तृत आकलन किया जाए और उसके आधार पर एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। इस मसौदे में आग लगने के कारणों, बचाव कार्यों में आई चुनौतियों और विभागों के बीच समन्वय की कमियों का विश्लेषण शामिल होगा।
बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि केवल फायर विभाग ही नहीं, बल्कि नगर निगम, बिजली विभाग और अन्य एजेंसियों की सक्रिय भूमिका भी अहम है। मुख्यमंत्री ने MCD को निर्देश दिया कि रिहायशी इलाकों में अनधिकृत निर्माण पर सख्ती से रोक लगाई जाए और कॉलोनियों की सड़कों तथा गलियों पर अतिक्रमण न होने दिया जाए। उन्होंने कहा कि कई बार संकरी और अवरुद्ध सड़कों के कारण दमकल वाहनों को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी होती है, जिससे राहत कार्य प्रभावित होता है। इसके अलावा सीएम ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि नए बिजली कनेक्शन देते समय विशेष सावधानी बरती जाए। साथ ही समस्याग्रस्त इलाकों का लगातार निरीक्षण कर बिजली सिस्टम की नियमित जांच की जाए, ताकि शॉर्ट सर्किट जैसी घटनाओं को रोका जा सके। आग कई कारणों से लग सकती है, लेकिन सरकारी विभागों की जिम्मेदारी है कि ऐसी स्थिति में तुरंत और प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे जन-धन के नुकसान को कम किया जा सके।
रिहायशी इलाकों में सरकार चलाएगी मॉक ड्रिल
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया को मजबूत करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान भी चलाएगी। इस अभियान के जरिए नागरिकों को घरों, दुकानों और बाहरी इलाकों में आग से बचाव के जरूरी उपायों की जानकारी दी जाएगी। सीएम के मुताबिक, लोगों को यह बताया जाएगा कि बिजली उपकरणों का सुरक्षित इस्तेमाल कैसे करें, गैस सिलेंडर और ज्वलनशील पदार्थों को किस तरह सुरक्षित रखें और आग लगने की स्थिति में तुरंत क्या कदम उठाने चाहिए। उन्होंने यह भी घोषणा की कि सरकार रिहायशी इलाकों में मॉक ड्रिल आयोजित करेगी, ताकि लोगों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण मिल सके और फायर विभाग की प्रतिक्रिया क्षमता का भी परीक्षण हो सके।
सरकार अग्निशमन विभाग को करेगी मजबूत
वहीं, दिल्ली के गृह एवं ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि सरकार राजधानी को आने वाले 25 वर्षों तक आग की घटनाओं से सुरक्षित बनाने के लिए अग्निशमन विभाग को व्यापक रूप से मजबूत करेगी। इसके तहत फायर विभाग को आधुनिक उपकरण, अत्याधुनिक मशीनें और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। तेजी से बढ़ते शहरी विस्तार और घनी आबादी को देखते हुए फायर सेफ्टी सिस्टम को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार करना बेहद जरूरी है। सरकार इसी दिशा में दीर्घकालिक योजना पर काम कर रही है। गृह एवं ऊर्जा मंत्री ने यह भी कहा कि केवल सरकारी इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि लोगों में जागरूकता बढ़ाना भी उतना ही जरूरी है। इसी उद्देश्य से सरकार बड़े स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाएगी। इस अभियान में आरडब्ल्यूए (RWA), बाजार संघों, विभिन्न सामाजिक संगठनों और धार्मिक स्थलों को भी शामिल किया जाएगा। लोगों को आग से बचाव के उपाय, आपात स्थिति में प्रतिक्रिया और सुरक्षा मानकों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

