राजधानी दिल्ली के मैदानगढ़ी स्थित भाटी माइंस इलाके से दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां गली में चलते समय धक्का लगने को लेकर हुए मामूली विवाद में दो नाबालिगों ने नौवीं कक्षा के छात्र की कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान 13 वर्षीय आयुष के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार आयुष सोमवार दोपहर से लापता था, जिसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। मंगलवार शाम उसका शव भाटी माइंस के घने जंगल इलाके से बरामद किया गया, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आयुष का कुछ लड़कों के साथ मामूली कहासुनी और धक्का लगने को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के बाद दो नाबालिगों ने कथित तौर पर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए मंगलवार देर रात दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। दोनों नाबालिगों को बाद में किशोर न्याय बोर्ड (JJB) के सामने पेश किया गया।

पुलिस के मुताबिक, आयुष का परिवार मूल रूप से समस्तीपुर  जिले के धरमपुर गांव का रहने वाला है।आयुष के पिता चंदन कुमार वर्ष 1997 से दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी कर रहे हैं। परिवार दक्षिण दिल्ली के संजय नगर इलाके में रहता है। बेटे की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। मां सुनीता और 8 साल की छोटी बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार आयुष सोमवार दोपहर से लापता था। काफी तलाश के बाद मंगलवार शाम उसका शव भाटी माइंस के जंगल इलाके से बरामद किया गया। पुलिस जांच में सामने आया कि मामूली विवाद के बाद दो नाबालिगों ने कथित तौर पर उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।

धक्का लगने से शुरू हुआ विवाद

पुलिस के अनुसार, आयुष ने इसी साल छतरपुर के एक सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा में दाखिला लिया था। जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर गली से गुजरते समय आयुष का इलाके के ही एक नाबालिग लड़के से धक्का लगने को लेकर विवाद हो गया था। शुरुआत में यह मामूली कहासुनी थी, लेकिन देखते ही देखते मामला बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने उस समय बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को शांत करा दिया था और मामला खत्म होता नजर आ रहा था। लेकिन बाद में यही विवाद खौफनाक मोड़ ले बैठा।

दोस्ती का नाटक कर आयुष को जंगल ले गए आरोपी

पुलिस जांच के मुताबिक, आरोपियों ने पहले आयुष से दोस्ती का नाटक किया और फिर उसे सुनसान जंगल में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। सोमवार को गली में धक्का लगने को लेकर आयुष का एक नाबालिग से विवाद हुआ था। बाद में स्थानीय लोगों ने मामला शांत करा दिया था। लेकिन उसी दिन जब आयुष मणि मंदिर की तरफ क्रिकेट खेलने गया, तब विवाद करने वाला नाबालिग अपने एक साथी के साथ वहां पहुंचा। दोनों आरोपियों ने आयुष से झगड़ा खत्म करने और दोस्ती करने का नाटक किया। इसके बाद उन्होंने बड़ी चालाकी से आयुष को यह कहकर अपने साथ ले लिया कि उन्हें एक मृत कुत्ते को दफनाने में मदद चाहिए।

आरोपी नाबालिग उसे बहाने से जंगल में ले गए और वहां उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।  पहले गली में धक्का लगने को लेकर आयुष का एक नाबालिग से विवाद हुआ था। बाद में आरोपियों ने उससे दोस्ती का नाटक किया और मृत कुत्ते को दफनाने में मदद के बहाने उसे भाटी माइंस के जंगल में ले गए। वहां मौका पाकर दोनों ने कथित तौर पर उसकी गला दबाकर निर्मम हत्या कर दी। उधर सोमवार रात करीब आठ बजे जब आयुष के पिता चंदन कुमार काम से घर लौटे, तब पत्नी ने बताया कि आयुष दोपहर तीन बजे से घर नहीं आया है। इसके बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार मंगलवार को परिजनों ने मैदानगढ़ी थाने  में आयुष की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। बाद में उसी दिन शाम को उसका शव जंगल क्षेत्र से बरामद किया गया।

दोनों नाबालिग आरोपी बाल सुधार गृह भेजे गए

दोनों नाबालिग आरोपियों को किशोर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान मंगलवार शाम भाटी माइंस के जंगल इलाके से आयुष का शव बरामद हुआ था। इसके बाद पुलिस ने परिजनों के बयान और स्थानीय लोगों से पूछताछ के आधार पर आरोपियों की पहचान की। देर रात पुलिस ने दोनों नाबालिगों को संजय कॉलोनी इलाके से हिरासत में लिया। पूछताछ में हत्या से जुड़े कई अहम सुराग मिले, जिसके बाद दोनों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच में सामने आया है कि धक्का लगने को लेकर हुए मामूली विवाद के बाद आरोपियों ने पहले आयुष से दोस्ती का नाटक किया और फिर उसे जंगल में ले जाकर कथित तौर पर गला दबाकर हत्या कर दी।

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