विकास कुमार/सहरसा। जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां सरकारी स्कूल का मिड-डे मील (MDM) खाने से भारी संख्या में बच्चे फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। जिले के महिषी प्रखंड स्थित राजकीय मध्य विद्यालय, बलुआहा में गुरुवार को दोपहर का भोजन करने के बाद अचानक 250 से अधिक छात्र-छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते स्कूल परिसर किसी अस्पताल के वार्ड में तब्दील हो गया और चारों ओर अफरा-तफरी मच गई।

​अचानक बिगड़ी तबीयत और प्रशासनिक सक्रियता

​जानकारी के अनुसार, बच्चों को दोपहर के भोजन में चावल और दाल परोसा गया था। खाना खाने के कुछ ही मिनटों के भीतर छात्रों ने पेट में तेज दर्द, लगातार उल्टी, चक्कर आने और भारी बेचैनी की शिकायत शुरू कर दी। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को बीमार पड़ते देख स्कूल प्रशासन और ग्रामीणों के हाथ-पांव फूल गए। आनन-फानन में निजी वाहनों और एम्बुलेंस की मदद से सभी पीड़ित बच्चों को महिषी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

​अस्पताल में बेड की कमी, सदर अस्पताल किए गए रेफर

​स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ की टीम तुरंत राहत कार्य में जुट गई। हालांकि, बीमार बच्चों की तादाद इतनी ज्यादा थी कि स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र के संसाधन कम पड़ने लगे। जिन बच्चों की स्थिति अधिक नाजुक थी और लगातार उल्टियां हो रही थीं, उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए सहरसा सदर अस्पताल रेफर किया गया है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

​जांच के घेरे में भोजन की गुणवत्ता

​घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। सहरसा के सिविल सर्जन डॉ. राजनारायण प्रसाद ने बताया कि शुरुआती लक्षणों को देखते हुए यह मामला स्पष्ट रूप से फूड प्वाइजनिंग का लग रहा है। उन्होंने आश्वस्त किया है कि फिलहाल सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं और स्थिति नियंत्रण में है। प्रशासन ने भोजन के नमूनों को सील कर दिया है, जिन्हें जांच के लिए लैब भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले संबंधित वेंडर या स्कूल कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।