० निलंबन के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले हरियाणा के पहले आईएएस अधिकारी बने, कई दिनों से बताए जा रहे हैं भूमिगत
चंडीगढ़। हरियाणा में 169 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोपों का सामना कर रहे निलंबित आईएएस अधिकारी प्रदीप डागर मंगलवार को सेवानिवृत्त हो गए। सीबीआई जांच के बीच कई दिनों से उनकी तलाश जारी है। डागर ने गिरफ्तारी से राहत पाने के लिए पंचकूला स्थित सीबीआई अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है, जिस पर बुधवार को सुनवाई होगी।
प्रदीप डागर बैंक घोटाले में नाम सामने आने के बाद 8 अप्रैल को निलंबित किए गए थे। उस समय वह परिवहन निदेशक एवं विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थे। निलंबन के दौरान सेवानिवृत्त होने वाले वह हरियाणा के पहले आईएएस अधिकारी बन गए हैं।
सीबीआई 169 करोड़ रुपये के इस बैंक घोटाले के साथ-साथ आठ विभागों से जुड़े कुल 661 करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले की भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी अब तक कई अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ कर चुकी है और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की पड़ताल जारी है।
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की टीम प्रदीप डागर की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं, उनकी अग्रिम जमानत याचिका पर आने वाला अदालत का फैसला इस हाई-प्रोफाइल मामले में अहम माना जा रहा है।

