जामताड़ा। साइबर ठगों ने लोगों को फंसाने का नया तरीका अपनाया था। पहले फोन कर क्रेडिट कार्ड बंद होने का डर दिखाया जाता और फिर नया कार्ड जारी कराने के नाम पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। इसके जरिए क्रेडिट कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ठगी की जाती थी। जामताड़ा साइबर थाना पुलिस ने इस गिरोह के एक कथित सदस्य को गिरफ्तार किया है।

पोखर के पास बांस की झाड़ी में छिपा था आरोपी

पुलिस अधीक्षक शंभु कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के बाद साइबर थाना पुलिस ने करमाटांड़ थाना क्षेत्र के भेलवाटांड़ गांव में कार्रवाई की। सकलपुर से बरमुण्डी जाने वाले रास्ते में पोखर के पास ट्रांसफार्मर पोल के समीप बांस की झाड़ी में संदिग्ध साइबर अपराधी के छिपे होने की सूचना थी।

साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल के नेतृत्व में टीम ने छापेमारी की और महताब अंसारी (27) को गिरफ्तार कर लिया। वह बरमुण्डी गांव का रहने वाला है।

4 मोबाइल और 5 सिम बरामद

पुलिस ने आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन और पांच सिम कार्ड बरामद किए हैं। जब्त मोबाइल और सिम की जांच के जरिए पुलिस अब ठगी के मामलों और आरोपी के संपर्कों का पता लगाने में जुटी है।

ऐसे चलता था ठगी का पूरा खेल

पुलिस के अनुसार, आरोपी लोगों को फोन कर खुद को क्रेडिट कार्ड से जुड़ा प्रतिनिधि बताकर उन्हें झांसे में लेते थे। उन्हें बताया जाता था कि उनका SBI क्रेडिट कार्ड बंद होने वाला है और नया कार्ड जारी कराने के लिए कुछ प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

इसके बाद मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड कराई जाती थी। पुलिस को आशंका है कि इसी प्रक्रिया के दौरान आरोपियों को पीड़ितों के क्रेडिट कार्ड से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मिल जाती थी, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी में किया जाता था।

कई राज्यों तक फैला हो सकता है नेटवर्क

जांच में पुलिस को आरोपियों की गतिविधियों का दायरा देश के अलग-अलग राज्यों तक फैला होने की जानकारी मिली है। अब महताब से पूछताछ कर पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके साथ इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कई धाराओं में FIR दर्ज

मामले में साइबर अपराध थाना कांड संख्या 55/26 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं के साथ IT Act की धारा 66(B), 66(C), 66(D) और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 की धारा 42(3)(E) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।

नेटवर्क के दूसरे सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश

छापेमारी टीम में थाना प्रभारी राजेश मंडल, पुलिस निरीक्षक मनीष कुमार गुप्ता, पुलिस अवर निरीक्षक हीरालाल महतो समेत रिजर्व गार्ड के जवान शामिल थे।

पुलिस अब बरामद मोबाइल और सिम की जांच के साथ आरोपी से पूछताछ कर रही है, ताकि साइबर ठगी के इस नेटवर्क के दूसरे सदस्यों और संभावित पीड़ितों तक पहुंचा जा सके।