अमित पाण्डेय, खैरागढ़। नगर पालिका चुनाव को लेकर आज खैरागढ़ के 20 वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही शहर में चुनावी समीकरण स्पष्ट हो गए हैं। नगर पालिका अध्यक्ष पद पहले ही सामान्य महिला के लिए आरक्षित हो चुका है। अब वार्डवार आरक्षण सामने आने के बाद कई मौजूदा जनप्रतिनिधियों की अपने वार्ड से दावेदारी प्रभावित हुई है, जबकि कई नए दावेदारों के लिए चुनाव मैदान में उतरने का रास्ता खुला है।

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में प्रभारी कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ प्रेम कुमार पटेल और एडीएम सुरेंद्र सिंह ठाकुर की मौजूदगी में आरक्षण प्रक्रिया पूरी की गई। वर्ष 2011 की जनगणना और जुलाई 2024 में राजपत्र में प्रकाशित वार्ड परिसीमन के आधार पर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आरक्षण किया गया। नगर पालिका क्षेत्र में करीब 22,564 मतदाता हैं। परिसीमन के बाद कुछ वार्डों की सीमाओं में बदलाव हुआ है, जिसका असर इस बार के आरक्षण समीकरण पर भी दिखाई दिया।

आरक्षण प्रक्रिया के पहले चरण में अनुसूचित जाति वर्ग के लिए जनसंख्या के आधार पर वार्ड 14 संत रविदास, वार्ड 15 सुभाषचंद्र बोस और वार्ड 20 सिविल लाइन-खम्हरिया को आरक्षित किया गया। इनमें लॉटरी के माध्यम से वार्ड 20 सिविल लाइन-खम्हरिया एससी महिला के लिए आरक्षित हुआ।

अनुसूचित जनजाति वर्ग में जनसंख्या के आधार पर वार्ड 4 राजफैमिली आरक्षित किया गया और यह एसटी मुक्त श्रेणी में रहा। अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए वार्ड 2 पिपरिया, वार्ड 3 गंजीपारा, वार्ड 6 बरेठपारा, वार्ड 8 तुरकारीपारा, वार्ड 17 दाऊचौरा और वार्ड 19 गोकुल नगर आरक्षित किए गए। इनमें लॉटरी के जरिए वार्ड 8 तुरकारीपारा और वार्ड 17 दाऊचौरा ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुए।

शेष चार वार्ड ओबीसी मुक्त श्रेणी में रहे।अनारक्षित वर्ग के 10 वार्डों में वार्ड 1 महात्मा गांधी, वार्ड 5 ठाकुरपारा, वार्ड 7 महावीर स्वामी, वार्ड 9 इतवारी बाजार, वार्ड 10 गुरु घासीदास, वार्ड 11 शीतला मंदिर, वार्ड 12 अमलीपारा, वार्ड 13 दीनदयाल उपाध्याय, वार्ड 16 निकेश यादव और वार्ड 18 भीमराव अंबेडकर शामिल रहे। इनमें वार्ड 1, 10, 16 और 18 अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हुए, जबकि वार्ड 5, 7, 9, 11, 12 और 13 अनारक्षित मुक्त श्रेणी में रहे। इस तरह 20 वार्डों में कुल 7 वार्ड महिलाओं के लिए आरक्षित हुए।

आरक्षण के बाद सबसे ज्यादा असर मौजूदा जनप्रतिनिधियों की संभावित दावेदारी पर पड़ा है। वार्ड 16 के महिला वर्ग के लिए आरक्षित होने से पार्षद विनय देवांगन की इस वार्ड से दावेदारी प्रभावित हुई है। नगर पालिका उपाध्यक्ष रज्जाक खान का वार्ड 18 अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित हुआ है। वहीं लगातार दो बार पार्षद रहे दिलीप लहरे का वार्ड 20 अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित होने से इस वार्ड से उनकी दावेदारी की स्थिति बदल गई है।

परिसीमन के बाद आरक्षण में भी बदलाव देखने को मिला है। वार्ड 8 तुरकारीपारा, जो पिछले चुनाव में अनारक्षित महिला था, इस बार ओबीसी महिला के लिए आरक्षित हुआ है। इसी तरह वार्ड 17 दाऊचौरा भी इस बार ओबीसी महिला वर्ग में चला गया है। आरक्षण प्रक्रिया के दौरान कलेक्टोरेट में शहर के राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों, जनप्रतिनिधियों और संभावित दावेदारों की मौजूदगी रही। आरक्षण की स्थिति सामने आते ही राजनीतिक चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

वार्ड आरक्षण के बाद अब भाजपा, कांग्रेस समेत अन्य राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन की चुनौती होगी। जिन मौजूदा दावेदारों के वार्ड आरक्षित हुए हैं, उन्हें अब दूसरे वार्डों में संभावनाएं तलाशनी पड़ सकती हैं। वहीं महिला आरक्षित वार्डों में नए चेहरों की दावेदारी सामने आने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार आगे मतदाता सूची और निर्वाचन संबंधी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। आरक्षण के साथ ही खैरागढ़ की शहरी सत्ता के लिए चुनावी मुकाबले की जमीन अब तैयार हो गई है।

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