लखनऊ के सआदतगंज क्षेत्र में पार्किंग और बरगद के पेड़ के चबूतरे को लेकर हुए विवाद में शिवाजी तिवारी, शंभू तिवारी और सुयश तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला और उसकी तीन बहनों को गिरफ्तार किया है, जबकि प्राथमिकी में नामजद अन्य आरोपियों की तलाश जारी है.

लखनऊ. जिले के सआदतगंज थाना क्षेत्र के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार सुबह पार्किंग को लेकर हुए विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतकों की पहचान शिवाजी तिवारी (60), उनके भाई शंभू तिवारी (55) और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी (30) के रूप में हुई है. पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला (30) और उसकी तीन बहनों को गिरफ्तार किया है. घटनास्थल से आरोपी के पास से अवैध पिस्टल और चार खोखे बरामद किए गए हैं.

पुलिस आयुक्त तरुण गाबा के अनुसार, बरगद के पेड़ के पास खाली जमीन पर कार खड़ी करने को लेकर सुबह करीब 10:30 बजे दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ. आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस में रहने वाले दिनेश शुक्ला के बेटे ऋषभ ने पिस्टल से फायरिंग कर दी. तीनों घायलों को पुलिस किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

चबूतरे को लेकर पुराना विवाद

स्थानीय पार्षद अनूप कमल सक्सेना के मुताबिक, मृतक परिवार बरगद के पुराने पेड़ के पास चबूतरा बनवा रहा था. ऋषभ के परिवार को इस निर्माण पर आपत्ति थी. करीब एक महीने पहले भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था. पुलिस में शिकायत किए जाने के बाद चबूतरे का निर्माण कार्य रोक दिया गया था.

बताया गया कि ऋषभ ने चबूतरे के सामने स्थित एक दुकान के शटर पर ‘नो पार्किंग’ और पांच हजार रुपये जुर्माने की चेतावनी भी लिख रखी थी. सोमवार को कार खड़ी करने को लेकर हुआ विवाद इसी पुराने तनाव के बीच बढ़ गया.

मोबाइल वीडियो से बढ़ी बहस

स्थानीय लोगों के अनुसार, शिवाजी सुबह घर के सामने स्थित मंदिर में जल चढ़ाकर लौट रहे थे. इसी दौरान ऋषभ कथित तौर पर उन पर टिप्पणी करते हुए मोबाइल से वीडियो बनाने लगा. चबूतरे को लेकर की गई टिप्पणी से नाराज शिवाजी ने अपने भाई शंभू को आवाज देकर बुलाया और मोबाइल फोन लाने को कहा, ताकि वह भी ऋषभ का वीडियो बना सकें.

शंभू के पहुंचने पर दोनों पक्षों में बहस होने लगी. इसी बीच ऋषभ के पिता दिनेश, चाचा और बहनें भी वहां पहुंच गए. शोर सुनकर कमरे में सो रहे सुयश बाहर आ गए. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई.

आरोप है कि इसी दौरान ऋषभ घर से हथियार लेकर आया और तीनों पर गोली चला दी. गोली लगने के बाद सुयश ने भागकर बचने की कोशिश की और एक कार के पीछे छिप गए. हालांकि, ऋषभ ने उनका पीछा कर दोबारा गोली मार दी. शिवाजी और शंभू की मौके पर ही मौत हो गई.

गोलीबारी में स्थानीय व्यक्ति बचा

फायरिंग के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई. स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी लगातार गोलियां चला रहा था. स्थानीय निवासी जितेंद्र कश्यप ने बताया कि ऋषभ ने उन पर भी दो गोलियां चलाईं. उन्होंने कार के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई.

घटना की सूचना मिलने के बाद सआदतगंज थाने के सिपाही कार्तिक मौके पर पहुंचे और ऋषभ को पकड़ लिया. शंभू तिवारी की पत्नी रुचि तिवारी की शिकायत पर ऋषभ शुक्ला, उसके पिता दिनेश शुक्ला, चाचा राजेश शुक्ला और गिरीश शुक्ला तथा बहन प्रीति, अदिति और दिव्या के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस के मुताबिक, ऋषभ की तीन बहनों को भी गिरफ्तार किया गया है और अन्य नामजद आरोपियों की तलाश की जा रही है.