खराब मौसम ने बढ़ाई किसानों की चिंता
अनूप दुबे, कटनी (ढीमरखेड़ा)। कटनी जिले की ढीमरखेड़ा तहसील में दो दिनों से मौसम परिवर्तन होने के कारण तेज हवाएं और बादल छाने के कारण बारिश का दौर बना हुआ है। क्षेत्र के किसानों की धान की फसल खेतों में पककर तैयार खड़ी है जिसके कारण किसानों को चिंता सता रही है कि अगर मौसम खराब होने के कारण बारिश हुई तो पकी फसल धान की खराब हो जाएगी और किसानों ने मेहनत और लागत लगाकर जो फसल तैयार की है उसका उचित दाम भी नहीं मिल पाएगा। आपको बता दें कि अभी भी मौसम खराब चल रहा है जिसके कारण किसानों को रात नींद नहीं आ रही। अगर बारिश होती है तो किसानों की फसलों को नुकसान होने की बात को नकारा नहीं जा सकता।

कृषि विभाग के कार्यालय में लटका रहा ताला
ढीमरखेड़ा जनपद मुख्यालय स्थित कृषि विभाग का कार्यालय बुधवार दोपहर बंद होने के कारण क्षेत्रीय किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।वर्तमान में कृषि कार्यालय में बीज वितरण का कार्य हो रहा है जिसकी जानकारी क्षेत्र के किसानों को है बीज लेने के लिए किसान दिन भर कार्यालय के चक्कर काटते रहे लेकिन ताला बंद होने के कारण किसानों को बीज नहीं मिल पाया।
मामले में सिमरिया निवासी अधिवक्ता सत्यम ज्योत्षी के कार्यालय पहुंचने पर कार्यालय में ताला लगा मिला। अधिवक्ता ने बताया कि बाहर के गेट में और अंदर के कक्षों में ताला लगा था। काफी देर कार्यालय के बाहर खड़े होकर इंतजार किया गया। उस दौरान काफी किसान भी पहुंचे लेकिन कृषि विभाग का कोई जिम्मेदार व्यक्ति कार्यालय नहीं पहुंचा।

मामले की जानकारी ढीमरखेड़ा एसडीएम को दी गई। ग्रामीणों ने बताया कि तत्कालीन कृषि विभाग के एस ए डी ओ मोहन सिंह का स्थानांतरण सीधी जिले में होने के बाद कार्यालय की व्यवस्था लड़खड़ाई हुई है। इस संबंध में ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि गोहल ने बताया कि कार्यालय में ताला लगने की जानकारी प्राप्त हुई थी। स्टाफ से जानकारी लेने पर पता चला कि पूरा स्टाफ क्षेत्र में फील्ड में है फिर भी कार्यालयीन समय में कार्यालय में ताला नहीं लगना था। मामले की जांच करवा कर नियमानुसार व्यवस्था बनाई जाएगी।
आदिवासी क्षेत्रों में नल जल योजना का नहीं मिल रहा लाभ
जंगलों के बीच स्थित आदिवासी बाहुल्य ग्राम कोठी में केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही हर घर नल हर घर जल योजना का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि बीते 4-5 माह से योजना बंद होने के कारण आदिवासी महिलाओं को हैंडपंपों में कड़ी मशक्कत करके पानी की व्यवस्था बनानी पड़ रही है।
ग्राम पंचायत सरपंच सीताराम बैगा ने बताया कि पूरे जिले में सबसे ज्यादा बेगा इसी पंचायत में निवासरत हैं। प्रधानमंत्री जन धन योजना में शामिल होने के बावजूद एक करोड़ से ज्यादा की योजना में पी एच ई विभाग और ठेकेदार की लापरवाही का खामियाजा गांव की जनता भुगत रही है। आधा अधूरा काम होने के बावजूद विभाग के द्वारा योजना हैंडोवर लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है लेकिन जब काम ही पूरा नहीं हुआ तो किस प्रकार से योजना हैंडोवर ले ली जाए।

सरपंच का आरोप है कि मामले में पूर्व में भी अधिकारियों को शिकायत की गई थी। लेकिन अधिकारियों के द्वारा समस्या निराकरण करवाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन समस्या का निराकरण नहीं हो पाया। आदिवासी ग्रामीणों ने शासन प्रशासन से ठेकेदार और विभाग की लापरवाही की जांच करवा कर जल्द से जल्द गांव में नल जल योजना चालू करवाने की मांग की है।
इस संबंध में ढीमरखेड़ा एसडीएम निधि गोहल ने बताया कि पी एच ई विभाग के एसडीओ से चर्चा की गई थी। उन्होंने विद्युत बिल भुगतान न होने के कारण योजना का लाभ न मिलने की बात बताई है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि जल्द से जल्द गांव में पानी की व्यवस्था बनाई जाए। अधूरा काम होने के बावजूद विभाग अगर ग्राम पंचायत को योजना हैंडोवर करने के लिए कह रहे हैं तो मामले की जांच करवाई जाएगी।
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