अखिलेश बिल्लोरे, हरदा। देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की सड़क हादसे में हुई दर्दनाक मौत के मामले के तार अब हरदा जिले के टिमरनी से जुड़ गए हैं। इस खुलासे के बाद हरकत में आए प्रशासन ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए टिमरनी में शराब दुकानों के स्टॉक की गहन जांच की और शराब ठेकेदार पातेंद्र जायसवाल के नाम से संचालित तीन लाइसेंसी दुकानों को सील कर दिया।

अधिकारियों की संयुक्त टीम ने की औचक जांच और सील की कार्रवाई

सोमवार को एएसपी अमित मिश्रा, तहसीलदार देवशंकर धुर्वे, आबकारी अधिकारी सुनील भोजने सहित भारी पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने टिमरनी पहुंचकर मोर्चा संभाला। टीम ने राधाबाई की पुलिया के पास स्थित प्रमुख शराब दुकान सहित अन्य संबंधित दुकानों पर पहुंचकर स्टॉक का मिलान किया और दस्तावेजों की जांच की। इस मामले में पुलिस ने शराब ठेकेदार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को भी पूछताछ के लिए अपनी हिरासत में ले लिया है, जिससे घटना से जुड़े कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।

शराब से भरे ट्रक और टीआई की मौत का कनेक्शन

प्राप्त जानकारी के अनुसार, इंदौर-बैतूल हाईवे पर जिस शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की मौत हुई थी, उस ट्रक में शराब टिमरनी की इसी दुकान से लोड की गई थी। हालांकि, पुलिस और आबकारी विभाग इस बात की आधिकारिक पुष्टि करने के लिए स्टॉक रजिस्टर, परिवहन पर्चियों और अन्य रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रहे हैं। प्रशासन यह पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि यह परिवहन वैध था या इसमें किसी प्रकार की अनियमिताएं बरती गई थीं। हरदा कनेक्शन सामने आने के बाद इस दुर्घटना ने एक गंभीर मोड़ ले लिया है, जिस पर शासन स्तर से भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

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