गुरुग्राम। एक तरफ ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के बड़े-बड़े नारे लगाए जा रहे हैं, दूसरी तरफ चंद रुपयों की खातिर कोख में पल रही जिंदगी का सौदा किया जा रहा था। मामला ऐसा, जिसने न सिर्फ स्वास्थ्य विभाग बल्कि पूरे सिस्टम को झकझोर कर रख दिया। लंबे समय से शक था कि एक अस्पताल में चोरी-छिपे ऐसा खेल चल रहा है, लेकिन कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लग पा रहा था।

फिर एक प्लान तैयार हुआ। एक महिला को ग्राहक बनाकर भेजा गया। अस्पताल के भीतर सबकुछ सामान्य दिख रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद ऐसा इशारा मिला कि बाहर इंतजार कर रही टीम तुरंत हरकत में आ गई। इसके बाद अस्पताल में जो हुआ, उसने सबको चौंका दिया।
दरअसल, गुरुग्राम के खांडसा रोड स्थित एसएम आयु हॉस्पिटल में स्वास्थ्य विभाग ने सुनियोजित डिकॉय ऑपरेशन चलाकर भ्रूण लिंग जांच के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है।

आरोप है कि अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट ने गर्भ में पल रहे बच्चे का लिंग बताने के एवज में महिला से 40 हजार रुपये लिए। महिला के इशारा मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल में छापा मार दिया और आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया। जांच के दौरान डॉक्टर की अलमारी से वही चिन्हित रकम भी बरामद कर ली गई।

कार्रवाई के तुरंत बाद अस्पताल में मौजूद अल्ट्रासाउंड मशीन को सील कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर दस्तावेज खंगाले और पूरे रिकॉर्ड को कब्जे में लिया। मामले में पीसी-पीएनडीटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

इस कार्रवाई में स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम शामिल रही, जिसमें अधिकारियों ने मिलकर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया। विभाग का कहना है कि भ्रूण लिंग जांच जैसे मामलों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, क्योंकि यह सिर्फ कानून तोड़ने का मामला नहीं बल्कि बेटियों के अस्तित्व से जुड़ा गंभीर अपराध है।